प्रशासनिक सख्ती के बाद भी सार्वजनिक परिवहन में टूट रहे नियम

बेगूसराय कोरोना संक्रमण फेज टू में लगातार बढ़ रहे संक्रमित मरीजों की संख्या से लोगों के

JagranPublish:Mon, 12 Apr 2021 10:17 PM (IST) Updated:Mon, 12 Apr 2021 10:17 PM (IST)
प्रशासनिक सख्ती के बाद भी सार्वजनिक परिवहन में टूट रहे नियम
प्रशासनिक सख्ती के बाद भी सार्वजनिक परिवहन में टूट रहे नियम

बेगूसराय: कोरोना संक्रमण फेज टू में लगातार बढ़ रहे संक्रमित मरीजों की संख्या से लोगों के बीच लॉकडाउन की आशंका बलबती हुई है। एक तरफ कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गाइड लाइन पालन कराने, मास्क का उपयोग अनिवार्य कराने के लिए युद्ध स्तर पर सख्ती बरती जा रही है। इसके बाद भी बस, ऑटो, मिनी बस जैसे सार्वजनिक परिवहन के साधनों में गाइडलाइन का अनुपालन नहीं होना चिता का विषय बना है। जिला मुख्यालय से अलग-अलग जगहों के लिए खुलने वाली बसों में खचाखच भीड़ दिख रही है वहीं ऑटो जैसे छोटो वाहन में भी गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। ²श्य एक: सुबह 10 बजे:

सुबह 10 बजे स्टेशन परिसर स्थित निजी ट्रैक्सी स्टैंड के समीप भागलपुर जाने वाली बस लगी है। बस की अधिकांश सीट फुल है और आधा दर्जन से अधिक यात्री दोनों सीटों के बीच खड़े भी हैं। इसके बाद भी दर्जन भर यात्री बस में चढने को आतुर दिख रहे हैं। इस दौरान बस का चालक व उपचालक किसी को गाइडलाइन पालन कराने की चिता नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिला प्रशासन की टीम ने बस पड़ाव का दौरा कर बस चालकों को हिदायत भी दी है लेकिन टीम के मौके से जाते ही सब लापरवाह हो गए हैं।

द्श्य दो: दोपहर 2 बजे:

एनएच-31 के फलमंडी के समीप रेलवे ओवरब्रिज किनारे छोटी दूरी तक जाने वाली ऑटो आकर लगती है। ऑटो में सवार अधिकांश लोगों ने मास्क का उपयोग नहीं किया है। इस दौरान लोगों से भरी ऑटो को भी यात्री के इंतजार में रोका गया है। इस दौरान मौके पर मौजूद यातायात पुलिस को भी गाइडलाइन पालन कराने की चिता नहीं है। बताते चलें कि लंबी दूरी समेत अन्य राज्यों से जिला मुख्यालय आने वाले कामगार अपने गांव तक जाने के लिए ऑटो, मिनी बस जैसी छोटे वाहनों को ही अधिकता से उपयोग करते है। ऐसे में यह लापरवाही घातक सिद्ध हो सकती है।

²श्य तीन: शाम छह बजे:

शाम छह बजे रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन रुकी है और यात्री ऑटो व ई रिक्शा की तलाश में बाहर निकल रहे हैं। मास्क के उपयोग के मामले में रेल यात्री ज्यादा जागरूक दिया रहे हैं। विभिन्न ट्रेनों में मास्क के उपयोग की अनिवार्यता का असर स्पष्ट दिख रहा है। दूसरी तरफ रेलवे ओवरब्रिज किनारे मंझौल की तरफ जाने वाली बस लगी है और लोग-बाग बस की छतों पर बैठ कर सफर कर रहे हैं लेकिन उन्हें रोकने वाला मौके पर कोई नहीं है। कमोबेश यही हाल सार्वजनिक परिवहन के सभी साधनों में हैं।