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मक्का की खेती से आय दोगुना करने के बताए उपाय

बेगूसराय। क्षेत्रीय मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र विष्णुपुर बेगूसराय के तत्वावधान में झारखंड के किसानों के लिए आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे दिन मक्का की खेती से आय दोगुना करने के उपाय किसानों को बताए गए। प्रशिक्षण के दौरान किसानों से वार्ता में यह बात सामने आई कि झारखंड में मक्का के हरे भुट्टे की ज्यादा मांग है। इसको ले कृषि वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुमार ने किसानों को मीठी मक्का की खेती करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मीठी मक्का के उत्पादन से सामान्य मक्का के मुकाबले बाजार में दो से तीन गुणी कीमत मिल सकती है। इसके अलावा भुट्टा की बिक्री के बाद किसान खेत में लगे मक्का के पौधे की बिक्री हरे चारे के रूप में भी कर सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान शिशु मक्का की खेती की जानकारी भी दी गई। कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि शिशु मक्का की खेती सालोंभर की जा सकती है। मीठी व शिशु मक्का के उपयोग के बाद खेत में बचे मक्का के हरे पौधे से साईलेज बनाने की जानकारी भी प्रशिक्षण में दी गई। कहा, इससे वर्ष भर चारा की उपलब्धता बरकार रख सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान अनुसंधान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एसबी सिंह ने किसानों को प्रशिक्षण में बताए गए तरीकों को उपयोग में लाने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण में कृषि वैज्ञानिक डॉ. विवेक कुमार खरे ने किसानों को अन्य फसलों के अलावा सब्जियों में लगने वाले मुख्य बीमारियों की रोकथाम व प्रबंधन की जानकारी दी।

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