गढ़पुरा व नावकोठी में धूमधाम से हुई गोव‌र्द्धन पूजा

बेगूसराय। गढ़पुरा प्रखंड के मौजी हरिसिंह पंचायत में भगवान गोवर्धन की स्थापित प्रतिमा का धूमधाम से पूजा शुक्रवार को की गई। वहीं इस अवसर पर पशुपालक किसानों ने अपने अपने पशुओं को स्नान करा नए परिधान से सुसज्जित कर पूजा की। इसको लेकर पशुपालक किसानों के परिवार में पूरे दिन उत्सवी माहौल रहा।

JagranPublish:Fri, 05 Nov 2021 07:33 PM (IST) Updated:Fri, 05 Nov 2021 07:33 PM (IST)
गढ़पुरा व नावकोठी में धूमधाम से हुई गोव‌र्द्धन पूजा
गढ़पुरा व नावकोठी में धूमधाम से हुई गोव‌र्द्धन पूजा

बेगूसराय। गढ़पुरा प्रखंड के मौजी हरिसिंह पंचायत में भगवान गोवर्धन की स्थापित प्रतिमा का धूमधाम से पूजा शुक्रवार को की गई। वहीं, इस अवसर पर पशुपालक किसानों ने अपने अपने पशुओं को स्नान करा नए परिधान से सुसज्जित कर पूजा की। इसको लेकर पशुपालक किसानों के परिवार में पूरे दिन उत्सवी माहौल रहा। बताया गया कि गोवर्धन भगवान की पूजा खासकर पशुपालक किसानों के द्वारा ही किया जाता है। इस दिन सभी किसान अपने अपने पशुओं को नई रंग बिरंगी डोरी, गरदाम, घंटी आदि से सुसज्जित कर गाय एवं बैलों को रंग के छींटे शरीर पर डालकर अथवा कलाकृति वाले छाप बनाकर सजाया। जिससे पशुओं के रंग-रूप भी निखर गए। नावकोठी प्रतिनिधि के अनुसार : प्रखंड क्षेत्र में दीपावली एवं गोव‌र्द्धन पूजनोत्सव हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। देर शाम होते ही संपूर्ण इलाका दीपों से जगमगा उठा। छतों से लेकर घर आंगन तक जगमगाते दीपों की माला सजा दी गई। पटाखों की आवाज से आसमान गुंजायमान हो उठा। दीपावली में लक्ष्मी जी और गणेश जी की पूजा होती है। लोग घर के दीप के लौ से सनैया का संठी का हुक्का पाति जला कर लक्ष्मी घर और दरिद्रा बाहर का मंत्र जाप किए। वहीं, दूसरी ओर गोव‌र्द्धन पूजा पर पशुपालकों ने उत्साह पूर्वक गौ की पूजा अर्चना की। गौ के चुमान का समय सुबह सात बजे के आसपास था। गोपालक किसान सुबह उठकर गौ वंश को स्नान कराकर नए रंग बिरंगे पगहा, झुनझुना, माला आदि पहनाकर सजाया। घर की महिला उनके शरीर पर रंग छिड़क कर तथा सिग में सिदूर लगाकर विधि विधान से पूजा अर्चना की। इसके उपरांत धान दुभ से गाय को चुमाया गया। कहा जाता है कि गोव‌र्द्धन पूजा श्रीकृष्ण से जुड़ी हुई है। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव के अंहकार का नाश गोव‌र्द्धन पर्वत को उंगली पर उठाकर किया था।