दिनकर आशावादी कवि के साथ बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे : शिक्षामंत्री

बेगूसराय। शिक्षा विकास की रीढ़ है। शिक्षित होंगे तभी विकसित होंगे। इसलिए शिक्षा के प्रति जागरूक हो तभी हमारे दिनकर जी का सपना पूरा होगा। उक्त बातें गुरुवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 113 वीं जयंती पर दिनकर स्मृति विकास समिति सिमरिया द्वारा आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण करते हुए कही।

JagranThu, 23 Sep 2021 11:41 PM (IST)
दिनकर आशावादी कवि के साथ बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे : शिक्षामंत्री

बेगूसराय। शिक्षा विकास की रीढ़ है। शिक्षित होंगे तभी विकसित होंगे। इसलिए शिक्षा के प्रति जागरूक हो, तभी हमारे दिनकर जी का सपना पूरा होगा। उक्त बातें गुरुवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 113 वीं जयंती पर दिनकर स्मृति विकास समिति सिमरिया द्वारा आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण करते हुए कही।

उन्होंने कहा दिनकर ने शिक्षा को ऊंचाई दी। आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाई देने का काम हो रहा हैं। बिहार के आठ हजार पंचायत में से साढ़े पांच हजार पंचायतों में प्लस टू विद्यालय एक साथ खोले जाएंगे। उसके लिए शिक्षकों की बहाली बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा किया जाएगा। सात हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया कर ली गई है। मध्य और उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक एक शारीरिक शिक्षक एवं स्वास्थ्य अन्वेषण पद पर 8386 पद सृजित किया गया है। प्राथमिक विद्यालय में साढ़े चालीस हजार प्रधान पद हेतु योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। जबकि माध्यमिक विद्यालय में साढ़े पांच हजार पद सृजित किया गया है। उन्होंने कहा कि दिनकर आशावादी कवि के साथ बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। बेगूसराय में दिनकर विश्व विद्यालय की स्थापना हो इसके लिए हम सब मिलकर प्रयास करेंगे। समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना हो। मंच संचालन राजेश कुमार ने किया। पूर्व एमएलसी रजनीश कुमार ने कहा कि दिनकर आज भी कविता में जीवंत हैं। सिमरिया आज भी आदर्श ग्राम के रूप में स्थापित है। उन्होंने सिमरिया गंगा नदी पर बनने वाला सिक्सलेन पुल का नामकरण दिनकर सेतु करने की मांग उठाई। एमएलसी सर्वेश कुमार ने कहा कि संस्कृत साहित्य को समृद्ध करते हुए सांस्कृतिक धरोहर के रूप में दिनकर जी का राष्ट्रीय स्मारक का निर्माण हो। मटिहानी विधायक राजकुमार सिंह ने कहा कि दिनकर किसी परिचय के मोहताज नहीं है। तेघड़ा विधायक रामरतन सिंह ने दिनकर के जीर्ण-शीर्ण बंगले को भव्य रूप देने की मांग के साथ ही दिनकर विवि के मांगों का समर्थन किया। आगत अतिथियों को दिनकर स्मृति विकास समिति सिमरिया के द्वारा अंग वस्त्र, प्रतीक चिह्न व माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर जदयू जिलाध्यक्ष रुदल राय, सांसद प्रतिनिधि अमरेंद्र कुमार अमर, प्रो. चंद्रभानू प्रसाद सिंह, प्रो. अमरेश शांडिल्य, जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण, बीईओ बरौनी सविता कुमारी लक्ष्मी, दिनकर पुस्तकालय समिति अध्यक्ष विशंभर सिंह, उपाध्यक्ष प्रवीण प्रियदर्शी ने स्वागत भाषण दिया।

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