नवान्न पर मधुसूदन मंदिर में लगी रही भीड़

नवान्न पर मधुसूदन मंदिर में लगी रही भीड़

बांका। नवान्न (नेमान) पर्व को लेकर गुरुवार को मधुसूदन मंदिर में सुबह से ही उत्सवी माहौल रहा है। बाजार सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने नया चूड़ा अरवा चावल मूली दही सहित अन्य सामग्री लेकर मधुसूदन भगवान को चढ़ाकर पंचामृत प्रसाद लिया।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 09:29 PM (IST) Author: Jagran

बांका। नवान्न (नेमान) पर्व को लेकर गुरुवार को मधुसूदन मंदिर में सुबह से ही उत्सवी माहौल रहा है। बाजार सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने नया चूड़ा, अरवा चावल, मूली, दही सहित अन्य सामग्री लेकर मधुसूदन भगवान को चढ़ाकर पंचामृत प्रसाद लिया। पंचामृत प्रसाद लेने के बाद सभी श्रद्धालु अपने अपने घरों में जाकर नेमान का पर्व मनाया।

भगवान मधुसूदन को सुबह में पंचामृत स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा पूजा करने की शुरुआत हुई। दोपहर तक मंदिर परिसर में काफी भीड़ जमा लगी रही। पंडा समाज के पंडितों के द्वारा नेमान पर्व को लेकर मंदिर आए हुए श्रद्धालुओं को भगवान मधुसूदन की पूजा-अर्चना कराई गई। शाम में भी श्रद्धालुओं द्वारा भगवान मधुसूदन की आरती भजन कीर्तन किया गया।

कटोरिया: जमदाहा बाजार एवं पतित पावन राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी में हर्षोल्लास के साथ नवान्न पर्व मनाया गया। इस पर्व में भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को नया अन्न आग में अर्पित कर नया अनाज खाना प्रारंभ किया जाता है। इस पर्व में द्वार घर-आंगन को गोबर से लीप-पोत कर अरवा चावल का पीठार बनाया जाता है और पूजा घर में नया कलश बैठाकर उसमें नया धान की बाली और आम के पल्लव चढ़ाकर नया धान का अरवा चावल उसमें केला गुड़ एवं दूध मिलाकर कर प्रसाद बनाया जाता है, जो विष्णु भगवान को चढ़ाया जाता है और नया धान का चूड़ा उसमें दही और गुड़ मिलाकर प्रसाद बनाकर ब्रह्मा भगवान को चढ़ाया जाता है।

पंजवारा: लोक पर्व नवान्न श्रद्धा व आस्था के साथ गुरुवार को मनाया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने नए अन्न से तैयार पंचामृत का भोग भगवान को अग्नि में आहूति देकर भोग अर्पण किया।

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