कार्टन में बंद उपकरण, कहीं बिन प्रयोगशाला ही प्रैक्टिकल

बांका। मैट्रिक की प्रायोगिक परीक्षा मंगलवार से जिला के डेढ़ सौ माध्यमिक विद्यालयों में शुरू हो रही है। सैद्धांतिक परीक्षा में पिछले दो साल से बोर्ड खूब सख्ती कर रहा है। पर प्रायोगिक परीक्षा में माध्यमिक विद्यालय और उसके शिक्षक रेवड़ी की तरह अंक बांटते दिख जाएंगे। इस प्रैक्टिकल परीक्षा में प्रयोग के सिवा सबकुछ होता है। हालत ऐसी कि जिला के अधिकांश माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगशाला ही नहीं है। जहां प्रयोगशाला है, उसमें अधिकांश अधिकारी के आगमन भर ही खूलता है। बच्चे प्रयोगशाला में बिना कोई प्रयोग किए या प्रिज्म पहचाने ही 90 से 100 प्रतिशत तक अंक हासिल कर रहे हैं।

धोरैया: उच्च विद्यालय बटसार में प्रयोगशाला के अभाव में प्रैक्टिकल कागज पर हो रहा है। प्रयोग की कोई व्यवस्था नहीं रहने से परीक्षा में सिर्फ थ्योरी लेकर ही अंक बांट दिया जाता है। स्कूल प्रधान अनिल कुमार दीक्षित ने बताया कि तीन विषयों की परीक्षा के लिए कोई लैब नहीं है। ऐसे में मौखिक परीक्षा ली जाती है। उपकरण खरीदारी के लिए राशि आई है पर खरीद नहीं हुई है। पूर्व का सामान पूर्व प्रधानाध्यापक अब्दुल कलाम के प्रभार में अटका है। इंटर स्तरीय धोरैया उच्च विद्यालय में प्रयोगशाला के साथ उपकरण की व्यवस्था है। पर केमिकल आदि का अभाव बता कर बच्चों का प्रैक्टिकल बंद है।

शंभूगंज : क्षेत्र के डीएए उच्च विद्यालय, प्रतापपुर उच्च विद्यालय आदि के बच्चों ने प्रयोगशाला कक्ष कभी नहीं खुलने की जानकार दी। छात्र अभिषेक कुमार, आयुष कुमार, मोहम्मद बारिस, मोहम्मद रजा, मोहम्मद अफरोज, अन्नु प्रिया, शिवानी कुमारी आदि ने बताया कि प्रैक्टिकल के लिए विद्यालय ने केवल कॉपी जमा करने के लिए कहा है।

बेलहर : बेलहर के सभी विद्यालयों में प्रायोगिक परीक्षा मंगलवार से शुरू होगी। कई विद्यालयों ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। राजपुर, बेलहर, साहबगंज में बच्चों को प्रैक्टिकल के लिए कॉपी तैयार करने को कहा गया है।

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