हदहदवा बांध के पानी से पशुओं का बच रहा जीवन

हदहदवा बांध के पानी से पशुओं का बच रहा जीवन

जल है तो जीवन है। हदहदवा बांध का पानी गर्मी के मौसम में पशुओं के अमृत साबित हो रहा है। यहां पानी पीकर पशु अपनी जान बचा रहे हैं।

JagranTue, 13 Apr 2021 04:27 PM (IST)

औरंगाबाद। जल है तो जीवन है। हदहदवा बांध का पानी गर्मी के मौसम में जंगलों व पहाड़ों पर पानी के लिए भटकने वाले जंगली जानवरों व पशु पालकों के लिए वरदान साबित हो रहा है। देव प्रखंड के अतिनक्सल प्रभावित दुलारे पंचायत में जंगलों व पहाड़ों की तराई में यह बांध गर्मी की तेज धूप में जंगली जानवरों एवं पशुओं के लिए जीवन दायिनी बना हुआ है। इस बांध के आसपास कोसों दूर कोई जलाशय नहीं है। ऐसे में प्यास से तड़पकर जंगलों में भटकने वाले जानवरों को बांध का पानी दिखता है तो दौड़े चले आते हैं।

आसपास के पहाड़ों के वर्षा का पानी इस बांध में जमा होता है, जो गर्मी के मौसम में पशुओं के लिए जीवन दायिनी साबित होती है। हड़ियाही नहर इसी बांध से होकर गुजरा है। जरुरत है इस बांध को जीवन दान देने की। अगर बांध को कैचमेंट क्षेत्र बनाकर बड़ा रुप दे दिया जाए तो बरसात के मौसम में आसपास के पहाड़ों से गिरने वाला पानी का संरक्षण होगा। बांध की पानी से आसपास के गांवों में सिचाई की सुविधा मिलेगी। जल का स्तर भी ऊपर आएगा। बंजर भूमि पर हिरयाली आएगी।

कहते हैं पंचायत के पैक्स अध्यक्ष

पैक्स अध्यक्ष बिजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि हदहदवा बांध को अगर जीर्णोद्धार करा दिया जाए और कैचमेंट क्षेत्र बना दिया जाए तो बरसात का पहाड़ों से गिरने वाला पानी बर्बाद नहीं होगा। बांध की पानी से आसपास के इलाके की बंजर भूमि पर हरियाली आएगी। किसानों की तकदीर बदल सकती है। बताया कि आज भी इस बांध से न सिर्फ जंगली जानवरों की जान बच रही है। बल्कि झरना समेत कुछ अन्य गांवों के ग्रामीण अपनी खेतों में लगे सब्जी की खेती का पटवन करते हैं। --------------------

बांध का जीर्णोद्धार कराने को लेकर सर्वे कराया जाएगा। वन विभाग से रिपोर्ट ली जाएगी। जल्द ही इस दिशा में कोई सार्थक पहल की जाएगी।

अंशुल कुमार, डीडीसी ----------------

- पानी के लिए तड़पकर जंगलों में भटकने वाले पशुओं की बूझ रही प्यास

- बांध के जीवन दान से बंजर भूमि पर आ सकती है हरियाली

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