युवती की हत्या मामले में सुराग नहीं ढूंढ सकी पुलिस

हत्या के दो मामलों में पुलिस का अनुसंधान अब तक फेल साबित हुआ। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जीटी रोड किनारे महुआधाम मोड़ के पास हत्या कर युवती का शव फेंक देने के मामले में आजतक पुलिस को सुराग नहीं मिला।

JagranWed, 23 Jun 2021 11:09 PM (IST)
युवती की हत्या मामले में सुराग नहीं ढूंढ सकी पुलिस

औरंगाबाद। हत्या के दो मामलों में पुलिस का अनुसंधान अब तक फेल साबित हुआ। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जीटी रोड किनारे महुआधाम मोड़ के पास हत्या कर युवती का शव फेंक देने के मामले में आजतक पुलिस को सुराग नहीं मिला। युवती की हत्या गला में नायलन की रस्सी लपेटकर व गला रेतकर की गई थी। मुफस्सिल थाने की पुलिस ने चार जून 2020 को युवती का शव बरामद कर पोस्टमार्टम कराया था और मामले में हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस अब तक युवती की पहचान भी नहीं कर सकी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म का मामला नहीं पाए जाने के बाद यह मामला आनर किलिग का समझ पुलिस इस कांड से ध्यान हटा ली है। अब यह मामला अनसुलझा बनकर रह गया। मुफस्सिल थानाध्यक्ष देवेंद्र राउत ने बताया कि यह मामला उनके पदस्थापन के पहले का है। अब तक न तो युवती की पहचान हो सकी है और न ही हत्या करने वाले अपराधियों का पता चल सका है। हत्या के इस मामले का पर्दाफाश करने के लिए कई जिलों के पुलिस से संपर्क भी किया गया पर नतीजा सिफर रहा।

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धैर्य के कातिल को भी नहीं पकड़ सकी पुलिस

उपहारा थाना क्षेत्र में स्व. मुन्ना सिंह के घर में घुसकर उनकी पत्नी रंजू कुंवर को धारदार हथियार से हमला कर घायल कर देने के बाद साथ में सोए चार वर्षीय नाती धैर्य कुमार को अगवा कर हत्या कर देने की घटना में पुलिस आज तक कातिल को नहीं पकड़ सकी है। धैर्य की हत्याकांड में शामिल हत्यारों को पकड़ने के लिए संसद में भी आवाज उठी थी। आवाज भी बिहार के सांसद नहीं बल्कि तेलंगाना के एक सांसद ने आवाज उठाई थी। इस घटना के करीब चार माह बीत गए, पुलिस इस निर्मम हत्याकांड का पर्दाफाश नहीं कर सकी है। धैर्य के कातिलों को पुलिस आजतक नहीं पकड़ सकी है। पुलिस की सुस्ती और कातिलों को पता लगाने के प्रति लापरवाही से धैर्य के हत्यारे अब तक जेल की सलाखों से बाहर हैं। ग्रामीण आज भी सोच रहे हैं कि आखिर उनके गांव के मासूम भांजा की हत्या किसने और क्यों की होगी? घटना का पर्दाफाश के लिए डाग स्क्वायड एवं पटना से एफएसएल टीम घटनास्थल पर पहुंची थी। फिर भी कातिल का सुराग नहीं मिल पाया है।

कातिलों के हमले से घायल मृतक धैर्य की नानी आजतक दिल्ली में इलाजरत हैं। कई दिनों तक आइसीयू में भर्ती रहीं। यह घटना 26 जनवरी 2020 की है। उपहारा थानाध्यक्ष रामराज सिंह ने बताया कि बालक की हत्या मामले का जल्द ही पर्दाफाश किया जाएगा। बताया कि मामले में एक हत्यारा का पता चल गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

बता दें कि सिवान जिला के बंगरा थाना के सिहौता गांव निवासी धैर्य के पिता ई. अवनिश सिंह एवं माता ई. शोभा कुमारी के बीच विवाद चल रहा है। विवाद के कारण दोनों एक दूसरे से अलग रहते हैं और धैर्य नानी के पास रहता था।

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