चलो गांव की ओर: रानीगंज प्रखंड का दूसरा खुले में शौच मुक्त पंचायत है पचीरा

फोटो 27 एआरआर 06 से 13 तक लगातार जड़ी बूटी से टूटी हड्डियों का इलाज के लिए भी है प

JagranSat, 27 Feb 2021 09:38 PM (IST)
चलो गांव की ओर: रानीगंज प्रखंड का दूसरा खुले में शौच मुक्त पंचायत है पचीरा

फोटो 27 एआरआर 06 से 13 तक लगातार

जड़ी बूटी से टूटी हड्डियों का इलाज के लिए भी है पचीरा पंचायत की पहचान।

सात निश्चय योजना के तहत अधिकांश सड़कों को किया पक्कीकरण। विमल कुमार, रानीगंज (अररिया) रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के पचीरा पंचायत जड़ी बूटियों से टूटी हुई हड्डियों का इलाज के लिए जाना जाता है। आसपास के क्षेत्रों के अलावा कई अन्य प्रदेशों से मरीज पचीरा आकर इलाज करवाते हैं और ठीक होकर घर जाते हैं। साथ ही टूटी हड्डियों के इलाज को लेकर आसपास के लोगों को रोजगार का अवसर भी मिल रहा है। दूरदराज के मरीजों को ठहरने व खाने पीने की सुविधा बहुत ही कम लागत में पचीरा में उपलब्ध हो जाता है। भोड़हा पंचायत से 2001 में अलग होकर अस्तित्व में आया पचीरा पंचायत। 2001 में मनोज मंडल पचीरा पंचायत के मुखिया चुनाव जीत कर मुखिया बने। इसके बाद 2006 में विष्णुदेव राम, 2011 में पुनिराम मुखिया बने। लेकिन वित्तीय अनियमितता के कारण विष्णुदेव राम व पुनिराम को जेल की हवा खानी पड़ी। पुनिराम के जेल जाने के बाद उपमुखिया निशा झा मुखिया बनी थी। 2016 में वर्तमान मुखिया प्रमिला देवी ने जीत हासिल किया और पंचायत के विकास का संकल्प लेकर पंचायत के विकास को रफ्तार दिया। पचीरा पंचायत में प्लस टू तक कि पढ़ाई की व्यवस्था है। सात निश्चय योजना के तहत अधिकांश सड़कों को मुख्य सड़क तक जोड़ दिया गया है। इस पंचायत के अधिकांश लोग खेती व मजदूरी पर निर्भर है। और सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। साथ ही अवैध बालू खनन को लेकर पचीरा पंचायत गड्ढे में तब्दील हो रहा है। यहां सैकड़ों ट्रेलर बालू रोजाना निकाल कर धड़ल्ले से बेची जाती है। जिससे अगर पूर्व की भांति बाढ़ आई तो पचीरा पंचायत तबाह हो सकता है। भौगोलिक स्थिति पंचायत का क्षेत्रफल लगभग सात किलोमीटर तक फैला हुआ है। जिसमे उत्तर में विशनपुर, दक्षिण में हांसा, पूरब में परमानंदपुर तथा पश्चिम में भोड़हा पंचायत स्थित है। इस पंचायत में कुल चार राजस्व ग्राम हैं जिसमे पचीरा, राघोपुर, कजरा व कमलपुर है। इस पंचायत का मुख्य सड़क जो डाकबंगला चौक से पचीरा होते हुए विशनपुर जाती है। पंचायत की समस्या यहां की सबसे बड़ी समस्या है कि पंचायत के पूरब भाग होकर निकलने वाली नदी जो हर वर्ष बाढ़ से तबाही मचा देती है। युवाओं के लिए रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। शिक्षित बेरोजगार युवा दूसरे प्रदेशों में जाकर रोजगार के लिए धक्के खाते हैं। वहीं पंचायत में खेलकूद के लिए कोई साधन नहीं है। सैकड़ों लोगों के पास जमीन नहीं रहने के कारण नहर के किनारे बसने को मजबूर हैं। पंचायत में विवाह भवन, स्टेडियम व पशु अस्पताल की समस्या है। धार्मिक व पौराणिक स्थल सार्वजनिक दुर्गा मंदिर आस्था का केंद्र बना हुआ है। लोगों की इतनी बड़ी आस्था है कि 2056 तक के लिए श्रद्धालुओं ने प्रतिमा स्थापित करने के लिए अग्रिम बुकिग कर लिया है। तो वहीं नरसिंह स्थान कमलपुर, नरसिंह स्थान पचीरा, राम जानकी मंदिर पचीरा तथा पचीरा में दो जामा मस्जिद, कमलपुर में दो जामा मस्जिद व कजरा में तीन जामा मस्जिद पचीरा पंचायत वासियों के आस्था का प्रतीक है। यहां गंगा जमुनी तहजीब की मिशाल कायम है। पंचायत के लोगों का पेशा

यहां के लोगों का मुख्य पेशा खेती तथा मजदूरी है। राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट होने से कृषि आधारित उद्योग स्थापित होने से लोगों को रोजगार का अवसर प्राप्त करने का मौका मिलेगा। खासकर मक्का प्रोसेसिग यूनिट की स्थापना होती है तो बड़े पैमाने पर लोग रोजगार व व्यवसाय से जुड़ेंगे। लोगों की राय ग्रामीण मो परवेज ने बताया कि वर्तमान मुखिया के कार्यकाल में विकास को रफ्तार दिया गया है। सभी वार्डों में सड़क का निर्माण कराया गया है। जहां आजादी के बाद भी सड़कें नहीं थी वहां भी सड़क निर्माण कर लोगों को सुविधा उपलब्ध कराया गया है। रूपेश कुमार कर्ण ने बताया कि उनके पंचायत विकास की ओर प्रगतिशील हो इसके लिए जनप्रतिनिधियों का पूरा सहयोग पंचायतवासियों को मिल रहा है। जहां कहीं कुछ कार्य अधूरा रहा है उसे पूरा करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। खुले में शौच मुक्त पंचायत होना गौरव की बात है। मधुवंश झा ने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की जरूरत है। जिससे हमारे पंचायत के लोगों को परेशानी नहीं हो इसके लिए भी जनप्रतिनिधि लोग सरकार से मांग कर रहे हैं। और हमारा पंचायत भी आदर्श पंचायत बने। मुस्तमीर वार्ड सदस्य ने बताया कि पचीरा पंचायत वार्ड संख्या 09 में ढाई एकड़ जमीन उपलब्ध रहने के बावजूद भी विद्यालय नहीं बन पाया है। जबकि इस वार्ड में लगभग पांच सौ से अधिक छोटे छोटे बच्चे हैं और विद्यालय भी काफी दूरी पर स्थित है। वहीं वार्ड संख्या 09 से 13 तक नहर पर पक्की सड़क नही है जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मो इमरान वार्ड सदस्य ने बताया कि मुखिया जी के सहयोग से 12 नम्बर वार्ड में तीन प्राथमिक विद्यालय है। सभी गलियों का पक्कीकरण किया गया है। जल नल का कार्य प्रगति पर है। पचीरा पंचायत की मुखिया का दावा मुखिया प्रमिला देवी का कहना है वे वर्ष 2016 के परिसीमन बदलने के मुखिया बनीं। सभी के सहयोग से पचीरा पंचायत का विकास संभव हो पाया है। रानीगंज प्रखंड के दूसरा खुले से शौच मुक्त पंचायत बनने का श्रेय प्राप्त हुआ है। बिना भेदभाव किये सभी के साथ न्याय करने का प्रयास किया गया है। सात निश्चय योजना से सभी अधिकांश सड़कों को पक्कीकरण किया गया है। आवास योजना, जलजीवन हरियाली, पंचम वित्त योजना, चौदहवीं वित्त योजना, मनरेगा योजना के कार्य धरातल पर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि विद्यालय, अस्पताल, आंगनबाड़ी आदि का व्यवस्था के सुधार के लिए वरीय अधिकारियों को सूचित किया गया है। हमारे पंचायत में दो स्वास्थ्य केंद्र है लेकिन चिकित्सक कभी नहीं आते हैं। विद्यालय में भी सुधार की आवश्यकता है। सभी के लिए वरीय अधिकारियों को लिखित शिकायत दर्ज कराया गया है।

पंचायत एक नजर में प्रखंड - रानीगंज

पंचायत- पचीरा

जनसंख्या- 15000

मतदाता- 7500

क्षेत्रफल- 7 किलोमीटर

साक्षरता दर- 70 प्रतिशत

प्राथमिक विद्यालय- चार

मध्य विद्यालय- दो

प्लस टू- एक

मॉडल स्कूल-

उपस्वास्थ्य केंद्र- 2 जर्जर हालत में

पशु अस्पताल- नहीं

बैंक- नहीं

डाकघर- मौजूद

टावर की स्थिति- सामान्य

सामुदायिक शौचालय- 2

आंगनबाड़ी- छह भवनहीन

नलजल की स्थिति- नाजुक

पंचायत सरकार भवन - नहीं

पंचायत भवन - मौजूद( जर्जर)

कब्रिस्तान- दो घेराबंदी नहीं

अवझा धार में पुल- नहीं

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