फारबिसगंज में मवेशी लदा पिकअप पलटा, आधा दर्जन मवेशी घायल

- एनएच हाईवे सत्संग भवन के सामने हुआ दुर्घटना मांस फैक्ट्री ले जाया जा रहा था वाहन। - सूचना

JagranFri, 22 Oct 2021 12:30 AM (IST)
फारबिसगंज में मवेशी लदा पिकअप पलटा, आधा दर्जन मवेशी घायल

- एनएच हाईवे सत्संग भवन के सामने हुआ दुर्घटना मांस फैक्ट्री ले जाया जा रहा था वाहन।

- सूचना पर पहुंची पुलिस ने पिकअप को कब्जे में लेकर चालक से कर रही है पूछताछ।

फोटो संख्या 23

संवाद सूत्र, फारबिसगंज(अररिया): फारबिसगंज पटना बस स्टैंड हाईवे के समीप सत्संग भवन के सामने गुरुवार की दोपहर मवेशी लदा एक पिकअप पलटने से आधा दर्जन से अधिक मवेशी घायल हो गए। घटना के बाद भाग रहे चालक को स्थानीय लोगों ने पकड़ कर पुलिस को सूचना दी। पकड़ा गया चालक का नाम मुकेश कुमार यादव नरपतगंज का निवासी बताया जाता है। पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर पिकअप वाहन को कब्जे में लेते चालक को हिरासत में ले लिया है। जिससे स्थानीय थाना में पूछताछ की जा रही है। चालक ने बताया कि टाटा गोल्ड पिकअप संख्या बीआर 11 जीई 0149 का मालिक मोहम्मद बेचन है। वह छातापुर हाट से मवेशी लोड करके मरहवा मांस फैक्ट्री में बेचने के लिए जा रहा था। अचानक टायर ब्लास्ट कर गया जिससे अनियंत्रित होकर पिकअप दुर्घटना हो गई और मवेशी सब घायल हो गए हैं। घटनास्थल पर घायल मवेशी को एनएचआई के कर्मियों के द्वारा जेसीबी मशीन मंगा कर इलाज के लिए ले जाया गया है वहीं स्थानीय लोगों में मौजूद कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष संजीव शेखर, बजरंग दल के मनोज सोनी सहित अन्य लोगों ने कहा कि वाहन में ज्यादा मवेशी लोड किया गया था। जिसके कारण मवेशी का वाहन दुर्घटना हुआ है। थानाध्यक्ष निर्मल कुमार यादवेन्दु ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

इनसेट

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पासिग के खेल में गाय की हो रही है तस्करी प्रशासन नहीं कर रही कार्रवाई। फारबिसगंज में एनएच 57 पर पिकअप पलटने से घायल मवेशी मामले में बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक मनोज सोनी ने प्रशासन पर गाय की तस्करी के दौरान पासिग का खेल खेलने का आरोप लगाया है। पूर्व जिला संयोजक ने कहा कि फारबिसगंज अनुमंडल में रोजाना आसपास प्रखंड से गाय की तस्करी हो रही है। जिसे तस्कर बांग्लादेश सहित अन्य मांस फैक्ट्री में ले जाकर बेचा जाता हैं। पिकअप वाहन में मवेशी के नाम पर गाय को लादा जाता है और उसे ले जाकर बेच दिया जाता है। प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से पासिग के इस खेल में गाय के तस्करी करने वालों का मनोबल बढ़ा हुआ है। पूर्व जिला संयोजक ने कहा कि गाय की तस्करी के दौरान तस्कर वाहन में कुछ दुधारू गाय को भी लाद लेते हैं। बजाप्त उस गाय के कागजात भी पास में रखते हैं। जैसे ही कोई वाहन रूकवा कर चेकिग करता है तो ये लोग तुरंत दुधारू गाय को सामने कर देते हैं। सफाई देते हैं कि इन गायों को दूध बेचकर कारोबार करने के लिए ले जा रहे हैं। वे लोग तस्कर नहीं होकर दूध कारोबारी हैं। इस तरह वे लोग बच जाते हैं और तस्करी का अपना कारोबार करते रहते हैं। आज स्थिति यह है कि गाय तस्करी कर ये लोग प्रतिमाह करोड़ों की आमदनी करते हैं। इस कमाई में पुलिस के कुछ अधिकारियों व नेताओं को भी मोटी रकम मिलती है। पूर्व जिला संयोजक ने कहा कि पुलिस ऐसे लोगों को चिन्हित कर अगर कार्रवाई नहीं करती है तो पूरे जिले में आंदोलन किया जाएगा।

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