पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होने से मौसम ने लिया करवट, जनजीवन अस्त व्यस्त

संसू फारबिसगंज (अररिया) सोमवार की शाम से मौसम में बदलाव आने लगा। तीन बजे के बाद मौसम ने क

JagranWed, 20 Oct 2021 12:15 AM (IST)
पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होने से मौसम ने लिया करवट, जनजीवन अस्त व्यस्त

संसू, फारबिसगंज (अररिया): सोमवार की शाम से मौसम में बदलाव आने लगा। तीन बजे के बाद मौसम ने करवट बदली और बादल छा गए। शाम को शहर समेत अनुमंडलीय क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भारी बारिश हुई। इससे धान व आलू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली हवाओं के कारण ऐसा हो रहा है। पाकिस्तान की ओर से आ रहीं तेज हवाएं मौसम को नम बना रही हैं।

जानकारों के अनुसार 23 अक्तूबर तक मौसम इसी तरह बना रहेगा। बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी होगी और कई स्थानों पर तेज बारिश की संभावना भी है।

मानसून जा चुका है उसके बाद भी मौसम इस तरह का बना है। यह जलवायु परिवर्तन के संकेत हैं। पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना और बंगाल की खाड़ी के साथ पाकिस्तान की ओर से आने वाली नम हवाओं के कारण लगभग पूरे उत्तर भारत में मौसम बदला है। अगले पांच से छह दिन तक मौसम इसी तरह का बना रहेगा। वहीं बदले मौसम के कारण फारबिसगंज नप की अधिकांश सड़क पर जलजमाव से लोगो को काफी परेशानी हो रही है।

लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है।

सड़कों पर दो से तीन फीट नालों व बरसात का पानी का जमाव होने से नप प्रशासन के साफ सफाई अभियान की पोल स्वत: खुल गई है। मंगलवार को बारिश के कारण शहर की दर्जनों दुकानें बंद रही।

बारिश के कारण सबसे ज्यादा बदतर स्थिति सदर रोड़, छुआ पट्टी,बंगाली टोला, प्रोफेसर कॉलोनी,पटेल चौक,बाजार समिति,फैंसी मार्केट सब्जी मंडी आदि स्थानों पर साफ-साफ न•ार आई। वहीं बस स्टैंड पर भी अन्य दिनों के मुताबिक मंगलवार को यात्रियों की भीड़ काफी कम दिखाई थी। एका- दुक्का यात्री ही सफर करने में लगे रहे।

यहीं हाल बा•ारों में दिखा। दुकानदार अपनी अपनी दुकानें तो खोले, मगर ग्राहकों की संख्या नगण्य रही।

बारिश के कारण छुआ पट्टी में स्थित कई व्यवसायिक प्रतिष्ठानों सहित गोदामों में पानी घुस जाने से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा।

लोगों को कहना है कि मौसम विभाग द्वारा पूर्व में तीन दिनों तक सीमावर्ती इलाकों में बारिश की चेतावनी देने के बावजूद नप प्रशासन साफ सफाई के मामले में सक्रिय नहीं रहा। जिसका असर आज पूरे शहरवासी देख रहे है। नप प्रशासन साफ सफाई के मामले से सक्रिय रहता तो आज शहर की स्थिति कुछ और रहती।

---------

क्या कहती है नप की मुख्य पार्षद गुंजन सिंह

शहर में साफ- सफाई अनवरत जारी है। कई स्थानों पर मुख्य नालों के जाम के कारण जलजमाव की समस्या उत्पन्न हुई है। जिसे भी सफाईकर्मियों की मदद से निदान किया जा रहा है।

----------

परवाहा में धान की फसल का हुआ व्यापक नुकसान

संसू.- परवाहा(अररिया): के अनुसार लगातार रुक रुक कर हो रही बारिश के बीच धान व आलू के फसल को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।क्षेत्र के किसानों ने धान की कटनी भी शुरू कर दी है। बारिश ने बालियां लगे धान को खेत में गिरा दिया है वही खेतों में कटनी कर रखे धान में पानी जमा होने से किसानों को नुकसान का भय सताने लगा है। हरीपुर ,मुसहरी ,झिरुआ पछियारी ,पुरबारी ,बसगड़ा,ढोलबज्जा ,परवाहा आदि में धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है।किसान दिलीप कुमार मेहता,सुभाष मिश्र ,प्रदीप मेहता, जनार्दन यादव,नीरज मेहता ,कृत्यानन्द ,परमानन्द ,मनोज मेहता आदि ने बताया कि उनलोगों का भाड़ी संख्या में धान की फसलें बर्बाद हुई ।कर्ज लेकर खेती किया था इसबार अच्छी ़फसल हुई थी उम्मीद था कि कर्जदारों से मुक्ति मिल जाएगी लेकिन बारिश ने सब तबाह कर दिया ।

महंगे दामों में आलू की बीज खरीद कर रोपाई किया सब तबाह हो गई:

किसान नवजीत सुंदरम,कविरत्न ,चंदन कुमार ,अनिल कुमार ने बताया कि महंगे कीमत पर बाहर से आलू की बीज मंगवाया था ।काफी खर्च कर उसकी रोपाई करवाया लेकिन रोपनी के दो दिन बाद ही आफत की बारिश ने हम किसानों को लाखों के नुकसान में डाल दिया ।जानकारी के अनुसार क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान आलू की खेती की उन्मुख हुए है मगर इस तरह बेमौसम बरसात किसानों की कमर तोड़ कर रख दिया।

------ भरगामा के किसानों की बढ़ी चिता संसू भरगामा (अररिया):के अनुसार लगातार ह़ो रही मुसलाधार बारिश के कारण भरगामा प्रखंड क्षेत्र के किसानों का मुख्य फसल बर्बाद हो चुका है। क्षेत्र के किसानों में बिजय यादव,रामजी ऋषि,चन्द्र ोखर यादव, गुलाब चंद यादव, रामदास, आदि का कहना है महगाई के इस दौड़ में किसान का मुख्य फसल धान, सब्जी में बेगन, गोभी, करेला, मिर्च, आदि फसल लगातार हो रही बारिश के कारण बर्बाद हो चुका है। क्षेत्र के किसान पूर्व से ही कर्ज के तले दबे हुए है। किसान अपने खेत में ऊंची किम्तत पर खेत में खाद बीज देकर धान, बैगन,गोभी,करेला आदि फसल लगाया था। मगर लगातार हो रही बारिस ने खेत में लगा फसल बर्बाद कर दिया है। जिससे क्षेत्र के किसान मर्माहत है। किसान पूर्णरुपेण कर्ज के तले दबे हुए है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.