10 करोड़ से अधिक विदेशी घुसपैठिए फर्जी प्रमाण पत्र के बनाकर देश के लोगों का कर रहे हैं हकमारी

संवाद सूत्र फारबिसगंज (अररिया) राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा है विदेशी

JagranMon, 18 Oct 2021 11:49 PM (IST)
10 करोड़ से अधिक विदेशी घुसपैठिए फर्जी प्रमाण पत्र के बनाकर देश के लोगों का कर रहे हैं हकमारी

संवाद सूत्र, फारबिसगंज (अररिया): राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा है विदेशी घुसपैठिए। बिहार में 50 लाख से अधिक घुसपैठिए सहित भारत मे लगभग 10 करोड़ विदेशी घुसपैठिए फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए मूलनिवासियों के रोजगार से लेकर सरकारी योजनाओं के लाभ पर अधिकार जमा हकमारी कर रहें है। जो चिता का विषय है। राज्य सरकार सूबे में घुसपैठिये को चिन्हित करने हेतु कानून कड़ाई से लागू करें। उक्त बातें विदेशी घुसपैठिए विरोधी संघर्ष समिति बिहार के अररिया जिला संयोजक प्रवीण कुमार ने समिति के अररिया जिला सदस्य प्रतापनारायण मंडल के निज निवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही है। जिला संयोजक ने कहा कि अब हम दो हमारे दो घुसपैठियों को आने दो की नीति नही चलेगी उन्होंने उच्च न्यायालय पटना में एक वाद सीडब्लूजेसी 390/2020 मरियम खातून बनाम बिहार सरकार के सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय द्वारा व्यक्त किये गए प्रतिक्रिया जिसमें सरकार को घुसपैठिये को चिन्हित करने हेतु अप्रत्यक्ष रूप से कानून लागू करने में शिथिलता बरतने पर फटकार लगाते हुए शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश का हवाला देते हुए राज्य सरकार से बिहार में फर्जी तरीके से रचे बसे 50 लाख से अधिक विदेशी घुसपैठिये को चिन्हित करने हेतु यथा शीघ्र देश के अन्य राज्यों में गृहमंत्रालय भारत सरकार द्वारा लागू कानून डिटेंशन सेंटर मेन्युयल 2019 को कड़ाई से लागू कर सीमावर्ती जिलों में एक एक डिटेंशन सेंटर बनाया जाय ताकि चिन्हित होने के उपरांत उसे डिटेंशन सेंटर में रखकर नोडल पदाधिकारी के माध्यम से उनके मूल देश मे भेजा जा सके।साथ ही बिहार के अन्य जिलों में भी आम लोगों को जागरूक करने हेतु सरकार प्रिट और डिजिटल मीडिया के माध्यम से कानून की जानकारी दे ताकि आमजनमानस को यह सुनिश्चित हो सके कि कैसे विदेशी घुसपैठिये को चिन्हित किया जाय। प्रेस वार्ता के दौरान जिला संयोजक कुमार ने सरकार से मांग किया है कि देश के एकता और अखंडता जुड़े इस संवेदनशील समस्या पर राज्य सरकार से कार्य त्वरित कार्रवाई करने हेतु प्रमंडलीय मुख्यालय पूर्णिया में नोडल पदाधिकारी का कार्यालय खोलने के साथ •ामीन रिकार्ड की जांच करने की मांग की है। ताकि डीड के आधार पर विदेशी घुसपैठिये को चिन्हित किया जा सके। साथ ही सभी सीमावर्ती जिलों में सूचना कोषांग की स्थापना करने का मांग किया है। जिससेआम लोग अवैध घुसपैठियों की जानकारी सरकार को दे सके। उन्होंने कहा कि सरकार डिटेंशन सेंटर खोलने एवं विदेशी घुसपैठिये के चिन्हित करने के दिशा में कार्रवाई नही करती है तो संघर्ष समिति चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी। इस मौके पर समिति के सह संयोजक श्वेताभ मिश्रा, मृणाल शेखर, सदस्य संजय डब्लू भी मौजूद थे।

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