सतबीटा में बकरा नदी का कटान जारी, दो हजार की आबादी संकट में

--अररिया जिले में सिकटी से लेकर अररिया तक बकरा नदी के कहर से परेशान हैं लोग संसू

JagranSat, 31 Jul 2021 09:47 PM (IST)
सतबीटा में बकरा नदी का कटान जारी, दो हजार की आबादी संकट में

--अररिया जिले में सिकटी से लेकर अररिया तक बकरा नदी के कहर से परेशान हैं लोग

संसू, अररिया: अररिया जिले में सिकटी से लेकर अररिया तक बकरा नदी के कहर से लोग परेशान हैं। बारिश होने के साथ जहां नदियों का जलस्तर बढ़ने लगता है। तो दूसरी ओर पानी कटने के साथ ही कटान का खतरा बढ़ जाता है। बकरा के कटान के सामने कटाव निरोधी कार्य बहुत कारगर साबित नहीं हो सकता है। अररिया प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत बकरा नदी के मुहाने बसा अररिया बस्ती पंचायत के अंतर्गत आने वाले सतबीटा गांव के दो हजार की आबादी ऐसे हैं, जो वर्ष 2017 से ही कटाव का दर्द झेल रहे हैं। अभी कटाव जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक माह से रूक-रूक कर हो रही बारिश से परेशानी और भी बढ़ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिससे कटाव का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है। विगत चार वर्षों में कटाव का दंश झेल रहे अब्दुल हसीब,अब्दुल वदूद, मो रफीक,मो जुबैर ,मो नईम, बीबी मसूदा आदि ने का कहना है कि उनकी समस्याओं को देखनेवाला कोई नहीं है। हर साल कटाव में घर बह जाता है। इस कारण झुग्गी में रहने को लोग मजबूर रहते हैं। वार्ड संख्या 13 के सदस्य मो इस्लाम ने बताया कि वर्ष 2017 से ही इस गांव के दर्जनों परिवारों के घर नदी में विलीन हो गया है। कटाव से बेघर विस्थापित सभी परिवार दूसरी जगह झोपड़ी बना कर कोई दो साल तो कई तीन साल से रह रहे हैं। इन बेघर विस्थापित गरीब परिवारों को सरकारी अनुदान दिलाने की दिेशा में अंचल प्रशासन द्वारा कहीं कोई पहल नहीं की गई है। जबकि पिछले तीन वर्ष के दौरान कटाव प्रभावित परिवारों की सूची अंचल प्रशासन को दिया गया है। जिसमें सतबीटा गांव में बसे परिवारों के घर बकरा नदी में कटकर समाहित होने की सूचना दी गई थी और राहत व बचाव के साथ निरोधात्मक कार्य किये जाने की मांग की गई थी। राजस्व कर्मचारी ने जांच प्रतिवेदन भी सीओ को दिया है।जांच प्रतिवेदन के आधार पर नदी कटाव से प्रभावित परिवारों को प्रावधानों के अनुसार गृह क्षति का लाभ तीन साल गुजरने के बाद भी इन कटाव पीड़ितों को गृह क्षति का कोई लाभ नहीं मिल पाया है।तबीटा गांव में विगत चार साल के दौरान सैकड़ों परिवार बकरा नदी के कटाव से बेघर होकर विस्थापित हो चुके हैं। गांव का मस्जिद, कब्रिस्तान, तंटबंध एवं गांव की सड़कें भी बकरा नदी के गर्भ में समा चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर इस गांव को नदी कटाव से बचाव की दिेशा में कोई पहल नहीं की गई है। जिसका खामियाजा इस गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है और गांव का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सतबीटा गांव को बकरा नदी के कटाव से बचाव के लिए शीघ्र निरोधात्मक कार्य किये जाने और नदी कटाव से प्रभावित परिवारों को गृह क्षति का लाभ देने की दिेशा में सकारात्मक पहल करने का अनुरोध किया है।

क्या कहते हैं पंचायत प्रतिनिधि:

पंचायत अररिया बस्ती पंचायत के मुखिया रईस अहमद ने कहा कि अफसोस की बात है कि जनहित का काम कराने के लिए भी सरकारी दफ्तरों का सैकड़ों बार चक्कर लगाना पड़ता है लेकिन रिजल्ट कुछ नहीं मिल रहा है। मुखिया ने कहा कि सतबीटा गांव को कटाव से बचाने के लिए उन्होंने तत्कालीन आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शंभू कुमार को स्थल पर ले जाकर निरीक्षण करवाया था। कटाव से प्रभावित लोगों की सूची तीन बार विभाग को दिये,लेकिन अभी तक प्रभावित परिवार को कोई लाभ मिला और ना ही कटाव रोकने की दिशा में कोई सार्थक पहल शुरू हुई। उन्होंने कहा कि चार दिन पहले भी डीएम को पत्र लिखकर कटाव निरोधी कार्य करने का अनुरोध किया गया है।लेकिन इस दिशा में भी कोई पहल होता नहीं दिख रहा है।।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.