Traffic Police ने क्यों छीना बस ड्राइवर का मोबाइल, Social Media पर हो रही Viral Video में देखिए कहानी का Climax

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। नया मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने के बाद से देशभर के कई राज्यों में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर लोगों को 10 गुना तक ज्यादा ट्रैफिक चालान भरना पड़ रहा है। ऐसे में Traffic Challan के डर से लोग पहले के मुकाबले सख्ती से Traffic Rules का पालन कर रहे हैं। हालांकि, बेंगलुरु की एक घटना इन दिनों तेजी से Social Media पर वायरल हो रही है, जहां बेंगलुरु Traffic Police और Bengaluru Metropolitan Transport Corporation (BMTC) आमने सामने आ गई हैं। दरअसल यहां पार्किंग को लेकर ट्रैफिक पुलिसवाले और BMTC के बस ड्राइवर के बीच काफी हंगामा हुआ। इस दौरान दोनों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। यह वीडियो अब ट्विटर से लेकर दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है।

यह वीडियो 19 अक्टूबर का है, जहां बेंगलुरु के सिल्क बोर्ड जंक्शन पर ट्रैफिक पुलिस ने BMTC ड्राइवर को नो-पार्किंग जोन में बस लाने के लिए रोका। इस बीच दोनों के बीच कहा सुनी शुरू हो गई। वीडियो में आप देख सकते हैं कि ट्रैफिक पुलिसवाला ड्राइवर को उतरने के लिए कह रहा है, लेकिन इस दौरान दोनों के बीच झड़प शुरू हो जाती है। इसके बाद ट्रैफिक पुलिसवाला ड्राइवर का फोन छिनने लगता है, जिसके बाद बहस और बढ़ जाती है। इसके बाद जैसे ही ट्रैफिक पुलिसवाला मोबाइल छीन कर बाहर आता है, वैसे ही बस ड्राइवर भी पीछे-पीछे बाहर आ जाता है।

#Bengaluru

The @blrcitytraffic and state corporation bus driver in fight over parking. @TOIBengaluru pic.twitter.com/mqBb8j5gJ0

— Kiran Parashar (@KiranParashar21) October 19, 2019

इस वीडियो में आप दोनों को ही लड़ते देख सकते हैं। इस वीडियो को बस के कंडक्टर ने बनाया है। हालांकि, इसे लेकर ट्विटर पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। वैसे तो हर कोई इसे बस ड्राइवर की गलती बता रहा है, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिसवाले का तरीका गलत है। आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं कि आपको क्या लगता है कि किसकी गलती है।

यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नो-पार्किंग जोन में गाड़ी खड़ा करना ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन है। नए मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने के बाद नो-पार्किंग जोन में गाड़ी खड़ा करने पर 5,000 रुपये से लेकर 23000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। हालांकि, कई जगहों पर राज्य सरकारों की तरफ से जुर्माने की राशि को घटाया भी गया है। 

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