ये है अब तक की सबसे लंबी वैगनआर, इंटरनेट पर जमकर देख रहे लोग

इस तरह के मॉडिफिकेशन एक कार को अलग लुक दे सकते हैं और सड़क पर काफी ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। हालांकि इस तरह के यांत्रिक परिवर्तन बिल्कुल भी उचित नहीं हैं। ये भारी और आधे-अधूरे संशोधन वाहन की पूरी संरचना को खराब करते हैं।

BhavanaPublish:Sun, 05 Dec 2021 01:29 PM (IST) Updated:Tue, 07 Dec 2021 08:29 AM (IST)
ये है अब तक की सबसे लंबी वैगनआर, इंटरनेट पर जमकर देख रहे लोग
ये है अब तक की सबसे लंबी वैगनआर, इंटरनेट पर जमकर देख रहे लोग

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। भारत में स्ट्रेच्ड लिमोसिन का कॉन्सेप्ट बिल्कुल नया है, हालांकि हमने भारतीय सड़कों पर ऐसे बहुत से संशोधित वाहनों को देखा है, ​जो एक खूबसूरत लिमोसिन हैं। ऐसा ही एक उदाहरण इंटरनेट पर आजकल खूब देखा जा रहा है। जिसमें मारुति सुजुकी वैगनआर एक स्ट्रेच्ड कार में परिवर्तित हो गई है, इस कार को देखकर कहा जा सकता है, कि यह वैगनआर का अब तक मौजूद सबसे लंबा वर्जन है। जो आम जिंदगी में देखा गया है।

'क्रेजी एक्सवाईजेड' नाम के एक यूट्यूब चैनल द्वारा अपलोड किए गए वीडियो में, कुछ युवाओं ने वैगनआर के फर्स्ट-जेनरेशन मॉडल को लिया और इसे एक सुपर स्ट्रेच्ड लिमोसिन में बदल दिया। इस प्रोजेक्ट के लिए वैगनआर को बीच से दाएं आधे हिस्से में काट दिया गया और इस तरह इसे दो हिस्सों में बांटा गया। इस कार के सिरों को दोनों हिस्सों के चारों कोनों में वेल्ड किया गया है, और कार के फ्रेम को सख्त करने के लिए ऊपर और नीचे की तरफ खंभे और क्रॉस बीम का उपयोग किया गया हैं। 

इन परिवर्तनों के अलावा, वैगनआर के इंजन में अन्य कोई यांत्रिक परिवर्तन नहीं किए गए हैं, तमाम बदलावों के बावजूद, कार बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ने में सफल हो जाती है और सुचारू रूप से चलने लगती है। हालांकि, एग्जॉस्ट सिस्टम में अधूरा काम होने के कारण वाहन चलते समय काफी शोर करता है। बताते चलें, कि  वैगनआर को लिमोसिन में बदलने के लिए किए गए प्रयास पहली बार में देखने पर शानदार लग सकते हैं, लेकिन कुल मिलाकर परिणाम बहुत अधूरा दिखता है। यह पूरी कार को आधे-अधूरे काम की तरह बना देता है। क्योंकि पूरी प्रक्रिया को केवल बुनियादी कटिंग और वेल्डिंग टूल्स का उपयोग करके तैयार किया गया है।

इस तरह के मॉडिफिकेशन एक कार को अलग लुक दे सकते हैं और सड़क पर काफी ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। हालांकि, इस तरह के यांत्रिक परिवर्तन बिल्कुल भी उचित नहीं हैं। ये भारी और आधे-अधूरे संशोधन न केवल वाहन की पूरी संरचना को खराब करते हैं बल्कि सार्वजनिक सड़कों पर वाहन को उपयोग करने के लिए अनुपयुक्त और अवैध भी बनाते हैं।