ड्राइविंग लाइसेंस को बनाने की प्रक्रिया हुई आसान, फीस जमा करने के सिस्टम में भी बड़ा बदलाव

ड्राइविंग लाइसेंस की तस्वीर (फोटो साभार: जागरण फाइल फोटो)

मार्च महीने से देश के कई और राज्यों में ये सेवाएं ऑनलाइन की जाएंगी। इस बात से सभी परिचित हैं कि आरटीओ में घंटो तक लोग लंबी कतार में लगकर अपनी बारी का इंजतार करते हैं जिससे अब निजात मिलेगा।

BhavanaMon, 01 Mar 2021 11:56 AM (IST)

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। Driving License Rules Update: देश में ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर लंबे समय से लोगों में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोग महीनों पहले लाइसेंस के लिए अप्लाई कर चुके हैं, और टेस्ट की तारीख का इंतजार कर रहे हैं। अगर आप भी ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर परेशान हैं तो बता दें, कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय आने वाले कुछ महीने में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सभी चीजों को ऑनलाइन करने जा रही है।

बताते चलें कि दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, हरियाणा जैसे कई अन्य राज्यों में ये सेवाएं पहले ही ऑनलाइन हो चुकी हैं। हालांकि अब मार्च महीने से देश के कई और राज्यों में ये सेवाएं ऑनलाइन की जाएंगी। इन सेवाओं के ऑनलाइन हो जाने से आरटीओ में लगने वाली घंटो की लाइन से छूटकारा मिलेगा। इस बात से सभी परिचित हैं, कि आरटीओ में घंटो तक लोग लंबी कतार में लगकर अपनी बारी का इंजतार करते हैं, जिससे अब निजात मिलेगा।

ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस अप्लाई करने का प्रोसेस: देश के कई राज्यों में ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं, कि आप कैसे ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हैं। सबसे पहले राजमार्ग मंत्रालय की वेबसाइट ttps://Parivahan.Gov.In/ पर जाकर राज्यों की सूची में से अपने राज्य का नाम चुनें। इसके बाद लर्निंग लाइसेंस के लिए विकल्प पर क्लिक करें।

वहां एक फॉर्म को पूरा भरने के बाद आईडी प्रूफ, उम्र का प्रमाण पत्र, एड्रेस प्रूफ अटैच कर अपने हाल ही में खिचवाए हुए फोटो और डिजिटल सिग्नेचर अपलोड करें। इस प्रोसेस के ​बाद आपको अपनी टेस्ट ड्राइव की तारीख का विकल्प भरना होगा। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि लाइसेंस बनाने के लिए आपको आधार कार्ड के साथ वोटर आईडी कार्ड, अपना बिजली बिल, राशन कार्ड में से कोई साथ में लेना होगा। हालांकि देश में पले से ही फीस ऑनलाइन जमा होती है। वहीं कुछ राज्यों में यह प्रवाधान नहीं था। जिसे अब शामिल कर दिया गया है। 

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