जानिये कार के ऐसे फीचर्स जिनका कंपनी जोर-शोर से करती हैं प्रचार, लेकिन आपके लिए होते हैं बेकार!

इन दिनों टेक्नोलॉजी काफी तेजी से बढ़ रही है। वहीं बात अगर ऑटो सेक्टर की करें तो इसमें भी टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसे फीचर्स के बारे में जो आपके लिए बेकार होते हैं और कंपनी उनके आपसे मोटे पैसे लेती हैं।

Rishabh ParmarFri, 11 Jun 2021 07:21 PM (IST)
जानिये कार के ऐसे फीचर्स जिनका कंपनी जोर-शोर से करती हैं प्रचार

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। आजकल दुनियाभर में टेक्नोलॉजी काफी तेजी से ग्रो कर रही है। इसी वजह से ऑटोमेकर्स भी आए दिन अपनी कारों में नई-नई टेक्नोलॉजी को पेश करते रहते हैं। जो कि आज के समय को देखते हुए काफी अच्छी बात है और डे टू डे लाइफ में काफी यूज़फुल भी होती हैं। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कार में कई ऐसे फीचर्स होते हैं जिन्हें कंपनियां हाईलाइट तो बहुत करती हैं, लेकिन उनका कोई खास उपयोग नहीं होता और इन फीचर्स के नाम पर वाहन निर्माता कंपनियां आपसे मोटी रकम वसूलती हैं। आज अपने इस लेख के जरिये हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसी टिप्स जिनकी मदद से आप फिजूल खर्ची से बच सकते हैं और इन फालतू फीचर्स को अवोइड कर के एक अच्छी डील पर कार खरीद सकते हैं।

ऑटोमेटिक वाइपर्स : कई कारों के मॉडल्स के आधार पर ऑटोमेटिक रेन सेंसिंग वाइपर आता है। इस फीचर का इतना सा काम होता है कि गाड़ी के विंडशील्ड पर पानी पड़ते ही वाइपर्स बिना बटन दबाए अपने आप चलने लगते हैं। लेकिन इसकी वजह से ब्लेड जल्दी घिस जाते हैं और ऑटोमेटिक मशीनरी की वजह से ये जरा सा पानी पड़ने से ही चलने लगते हैं जिस वजह से इनके जल्दी घिसने की उम्मीद रहती है। जबकि मैनुअली वाइपर अपनी जरूरत के मुताबिक ऑन-ऑफ किया जा सकता है।

क्रूज़ कंट्रोल : पहले क्रूज़ कंट्रोल प्रीमियम गाड़ियों का फीचर था। लेकिन इन दिनों यह एक आम फीचर हो गया है और ज्यादातर गाड़ियों के टॉप मॉडल्स में देखा जाता है और इसका प्रचार करके कंपनी अच्छे-खासे दाम वसूलती है, लेकिन आपको बता दें यह फीचर केवल तब काम आता है जब आपका बहुत अधिक हाइवे पर आना-जाना होता है। क्योंकि आप गाड़ी को क्रूज़ तभी कर सकते हैं जब आप हाइवे पर चल रहे हों। क्योंकि क्रूज कंट्रोल को एक बार एक्टिवेट करने पर गाड़ी उसी गति पर चलती है, जिसपर आपने उसे क्रूज़ किया है और ब्रेक दबाने के बाद ही ये डी-एक्टिवेट होता है।

हिल असिस्ट या हिल होल्ड : यह एक ऐसा फीचर है जिसका कंपनियां काफी प्रचार करती हैं और इसके नाम पर ग्राहकों से मोटी रकम वसूलती हैं। लेकिन यह फीचर भी तभी काम आता है जब आप पहाड़ों पर ट्रैवल कर रहे हों। इतना ही नहीं बिना हिल असिस्ट वाली गाड़ियां भी पहाड़ों पर अच्छी तरह से चल सकती हैं। बस ड्राइवर अच्छा होना चाहिये। तो यह फीचर भी आपको कारों में तभी लेना चाहिये जब बतौर स्टैंडर्ड दिया जा रहा हो। इसके लिए अधिक रकम खर्च करने की कोई आवश्यकता नहीं होती। 

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