ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया ARAI ने तैयार किया स्वदेशी चार्जर, 50 से 60 हजार के बीच हो सकती है कीमत

ईवी के कई घटक जैसे मोटर और नियंत्रक आयात किए जाते हैं और यहां तक ​​कि चार्जर भी विदेशों से लाए जा रहे हैं। एआरएआई ने ईवी चार्जर एसी001 के लिए स्वदेशी तकनीक विकसित की है जिसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा निर्माण और प्रचार के लिए लिया गया है।

BhavanaWed, 22 Sep 2021 10:56 AM (IST)
ARAI एसोसिएशन का ध्यान इन्हें स्वदेशी रूप से बनाने पर है, जो कि लागत प्रभावी होगा ।

नई दिल्ली, पीटआई। ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) ने एक बयान के अनुसार, देश में ईवी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए स्वदेशी रूप से एक चार्जर विकसित किया है। एआरएआई के निदेशक रेजी मथाई ने कहा कि ईवी को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग के लिए बुनियादी ढांचा महत्वपूर्ण है, और चूंकि मोबिलिटी चार्जर आयात किए जाते हैं, इसलिए एसोसिएशन का ध्यान इन्हें स्वदेशी रूप से बनाने पर है, जो कि लागत प्रभावी होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।

जानकारी के लिए बता दें, मथाई अंतर्राष्ट्रीय ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी (एसआईएटी 2021) पर आगामी संगोष्ठी के विवरण की घोषणा करने के लिए आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे। जहां उन्होंने चार्जर के बारे में भी बताया। "ईवी के कई घटक जैसे मोटर और नियंत्रक आयात किए जाते हैं और यहां तक ​​कि चार्जर भी विदेशों से लाए जा रहे हैं। एआरएआई ने ईवी चार्जर एसी001 के लिए स्वदेशी तकनीक विकसित की है, जिसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा निर्माण और प्रचार के लिए लिया गया है।

इतनी हो सकती है कीमत

एआरएआई के निदेशक रेजी मथाई ने कहा कि, "चार्जिंग पॉइंट भारत इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा स्थापित किए जाएंगे और ईवी चार्जर सिस्टम के लिए पुर्जे- टाइप 1, टाइप 2, सीसीएस और CHAdeMO का निर्माण स्थानीय स्तर पर किया जाएगा।" उन्होंने बताया कि चार्जर को भारत में सुरक्षा पहलुओं और बिजली के उपयोग को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। ARAI ने हाल ही में EV चार्जर पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है। एआरएआई शुल्कों की पूरी जानकारी प्रदान करेगा और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स उनका निर्माण करेगा।

वहीं चार्जर्स की कीमत 50,000 रुपये से 60,000 रुपये के बीच होने की उम्मीद है।

एआरएआई के वरिष्ठ उप निदेशक नितिन ढांडे ने कहा कि संगठन समर्पित कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की योजना बना रहा है जो इलेक्ट्रिक वाहन खंड में इंजीनियरिंग छात्रों के लिए आवश्यक ज्ञान प्रदान करेगा और कौशल प्रदान करेगा। एआरएआई इस समय ऐसे केंद्र स्थापित करने के लिए तेलंगाना और केरल सरकारों के साथ बातचीत कर रहा है।

 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.