Myth About Electric Vehicle: इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से पहले इन 5 बातों को लेकर ग्राहक परेशान, यहां पढ़ें अपने सभी सवालों के जवाब

एमजी की इलेक्ट्रिक कार जेडएस ईवी सिंगल चार्ज में 340km की रेंज कवर कर सकती है।

हालांकि सभी नई तकनीकों की तरह इसे अपनाने से पहले सामान्य संदेह और सवालों का जवाब देना महत्वपूर्ण है। यहां हम आपको इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में ऐसे ही कुछ मिथकों के बारे में बात करने जा रहे हैं।

BhavanaMon, 19 Apr 2021 02:37 PM (IST)

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। Myth About Electric vehicles: भारत में पिछले न जाने कितने वर्षों से आप जब भी सड़क पर निकलते हैं तो सबसे पहले आपको पेट्रोल और डीजल की बेतहाशा बढ़ी हुई कीमतें डरा देती हैं, कुछ शहरों में तो एक लीटर पेट्रोल के लिए 96 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। टेस्ला के भारतीय बाजार में आने के बाद से इलेक्ट्रिक वाहनों को परफेक्ट सॉल्यूशन की तरह देखा जा रहा है। तो आखिर ऐसा क्या है जो लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने से क्या रोक रहा है। यहां हम आपको इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में ऐसे ही कुछ मिथकों के बारे में बात करने जा रहे हैं। जो भारतीयों के मन में लंबे समय से हैं, और ये इनका जवाब ढूंढ रहे हैं:

मिथक:1 इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज होने में वक्त लगता है?

इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का विचार कर रहे लोगों की सबसे आम चिंताओं में से एक यह है कि जब वे ईंधन भरने के लिए जाते हैं तो कुछ ही मिनट में उनकी गाड़ी रीफ्यूल हो जाती है, पर जब बात इलेक्ट्रिक वाहनों की आती है तो उन्हें चार्ज करने में घंटों लग सकते हैं। यदि आपके पास एक पार्किंग ज़ोन या गैराज हैं, तो 240 वोल्ट पावर आउटलेट के साथ इलेक्ट्रिक वाहन को अक्सर रात या दिन में भी कुछ समय निकाल कर चार्ज किया जा सकता है। इसका मतलब है कि आप पेट्रोल पंप या सीएनजी स्टेशनों पर लंबी लाइनों से बच सकते हैं। इसी तरह सुपरचार्जर से आप 30 से 60 मिनट में अपनी कार को फुल चार्ज कर सकते हैं। कई कंपनियां अपने पार्किंग स्थानों में चार्जिंग स्टेशन लगाने पर विचार कर रही हैं। जिससे चार्जिंग की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकेगा।

मिथक:2 इलेक्ट्रिक वाहन आर्थिक तौर पर अव्यवहारिक है?

इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए क्योंकि जब भी कई नई टेक्नोलॉजी आती है तो ऐसा ही कर्व दिखता है। अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहन लक्जरी बाजारों में महंगी हैं, पर यह हालात तेजी से बदल रहे हैं, विशेष रूप से भारत में जहां सब्सिडी के माध्यम से लागत में कमी लाई जा रही है और इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक सुलभ बनाया जा रहा है। इसके अलावा अमेरिका के एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि विशिष्ट रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत पेट्रोल से चलने वाली कारों से आधी है। इसके समाधान के लिए एमजी मोटर निजी तौर पर पंजीकृत ग्राहकों को कार पर असीमित किलोमीटर के लिए 5 साल की मैन्युफैक्चरिंग वारंटी और बैटरी पर आठ साल या 150 हजार किमी की वारंटी प्रदान कर रही है। यह निजी तौर पर पंजीकृत कारों के लिए 5 साल की अवधि के लिए राउंड-द-क्लॉक रोड साइड असिस्टेंस भी प्रदान करती है, साथ ही 5 लेबर फ्री सर्विसेस भी दी जाती हैं।

मिथक: 3 इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी महंगी है और आपको बार-बार बदलनी होगी।

लिथियम आयन बैटरी रीचार्जेबल बैटरी है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों और कई पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होती है। लिथियम आयन बैटरी उसके कई विकल्पों के मुकाबल सुरक्षित होती है। लिथियम आयन बैटरी की लागत में लगातार कमी आ रही है और भारत हाई परफॉर्मेंस वाली बैटरी में गंभीर निवेश कर रहा है। वर्तमान में, इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी उदाहरण के लिए 2,41,000 किलोमीटर की ड्राइविंग के बाद 90 प्रतिशत तक क्षमता रखती है।इतना ही नहीं, इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियां बैटरी के लिए आठ साल की गारंटी देती है। 

मिथक: 4 इलेक्ट्रिक वाहन लंबी दूरी की यात्रा के लिए ठीक नहीं है?

इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए यह एकदम गलत है। इन वाहनों की रेंज कम है और एक शहर से दूसरे शहर तक या शहर के बाहर यात्रा करने के लिए भी पर्याप्त नहीं होगी। यह कहना सही नहीं है। दुनियाभर के ईवी लीडर्स के बाजार में प्रवेश से मौजूदा मार्केट डायनामिक्स बदलने का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है, क्योंकि वे अपने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित ईवी ऑफरिंग्स का लोकलाइजेशन करेंगे और यह भारत में स्थानीय कंज्यूमर बेस की जरूरतों के अनुकूल होंगे। चार्जिंग स्टेशनों पर सरकार के बढ़ते जोर के साथ जल्द ही एक समय आएगा जब एक निजी इलेक्ट्रिक वाहन दिल्ली से चंडीगढ़ तक की यात्रा कर सकेगा और रास्ते में अधिकतम चार्जिंग स्टेशन भी मिल जाएंगे। हालांकि, एमजी जेडएस ईवी 340 किलोमीटर रेंज को एक बार में कवर कर सकती है।

मिथक: 5 इलेक्ट्रिक वाहनों की स्पीड कम है।

यह अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर एक विशिष्ट धारणा रही है, पर आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इलेक्ट्रिक रेस कारें भी मौजूद हैं! इलेक्ट्रिक कारों के अधिकांश निर्माता बैटरी चार्ज को संरक्षित करने के लिए टॉप स्पीड को सीमित करते हैं। यही कारण है कि अधिकांश ईवी को इलेक्ट्रिक मोटर की गति को कम करने के उद्देश्य से केवल एक निश्चित अनुपात के साथ डिज़ाइन किया गया है। जो कि आमतौर पर 8000 और 10,000 आरपीएम के बीच होता है। उपभोक्ता वाहनों में भी इलेक्ट्रिक वाहन 2.5 सेकंड में 0.96 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकते हैं! एक उदाहरण के रूप में एमजी जेडएस ईवी 8.5 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटा को कवर कर सकती है। 

नोट: यहां दिए गए मिथक के जवाब एमजी मोटर्स द्वारा दिए गए हैं। 

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