गियर बदलने के इन 4 तरीकों के बारे में जानकर बढ़ा सकते हैं कार का माइलेज

गियर शिफ्टिंग से बढ़ा सकते हैं कार का माइलेज

अगर गियर शिफ्टिंग गलत तरीके से की जाए तो इससे कार का माइलेज काफी कम हो जाता है। नतीजतन आपकी कार 1 लीटर पेट्रोल में ज्यादा से ज्यादा 10 से 15 किलोमीटर का माइलेज दे पाएगी। इसे कुछ तरीकों से ठीक किया जा सकता है

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 02:53 PM (IST) Author: Vineet Singh

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। अक्सर ये देखा गया है कि ड्राइवर कार चलाने के दौरान कई बार गलत तरीके से गियर शिफ्टिंग करते हैं। अगर गियर शिफ्टिंग गलत तरीके से की जाए तो इससे कार का माइलेज काफी कम हो जाता है। नतीजतन आपकी कार 1 लीटर पेट्रोल में ज्यादा से ज्यादा 10 से 15 किलोमीटर का माइलेज दे पाएगी। ऐसे में आपको बार बार पेट्रोल भरवाने की जरूरत पड़ेगी। अगर आप के साथ भी ये समस्या पेश आ रही है तो आज हम आपको कार में सही तरीके से गियरशिफ्ट करने के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आप अपनी कार के इंजन से ज्यादा से ज्यादा माइलेज हासिल कर सकें।

पूरी तरह से प्रेस करें क्लच: ज्यादातर लोग अपनी कार के क्लच को पूरी तरह से प्रेस किए बगैर ही गियर शिफ्ट कर सकते हैं। इससे कार का गियर सही तरह से शिफ्ट नहीं होता है और इंजन पर इससे दबाव पड़ता है। ऐसे में आप जब भी गियर शिफ्ट करें उससे पहले क्लच को अच्छी तरह से प्रेस करें। इससे गियर आसानी से शिफ्ट हो जाता है और इंजन का माइलेज भी नहीं कम होता है।  

क्विक गियर शिफ्टिंग: अक्सर ऐसा देखा गया है कि लोग बिना जरूरी स्पीड हासिल किए हुए हुए ही गियर बदल देते हैं जिसकी वजह से इंजन को समय नहीं मिलता है। इससे इंजन पर काफी दबाव पड़ता है और इंजन ज्यादा फ्यूल कन्ज्यूम कर सकती है। ऐसे में आपको गियर सिर्फ तभी बदलना चाहिए जब कार एक जरूरी स्पीड तक पहुंच जाए।  

बिना वजह के गियर शिफ्ट करना: आप अगर बेवजह ही गियर शिफ्टिंग करते हैं तो इससे आपकी कार ज्यादा फ्यूल का इस्तेमाल करती है।  दरअसल बार-बार गियर शिफ्टिंग से इंजन गर्म हो जाता है ,ज्यादा देर तक ऐसा किया जाए तो इंजन ज्यादा फ्यूल का इस्तेमाल करने लगता है। ऐसे में आपको सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही कार का गियर शिफ्ट करना चाहिए।   

लो स्पीड में गियर शिफ्टिंग: लो स्पीड में गियर शिफ्टिंग करने से आपकी कार अचानक से बंद हो जाती है। अगर आप बार-बार ऐसा करते हैं तो इससे आपकी ज्यादा पेट्रोल खर्च होता है। साथ ही साथ इंजन पर भी काफी ज्यादा दबाव पड़ने लगता है। 

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