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International Cat Day 2020: आज है अंतरराष्ट्रीय बिल्ली दिवस, जानें इसका इतिहास और महत्व

International Cat Day 2020 इसे सबसे पहले 2002 में मनाया गया था। जब पशु कल्याण के लिए स्थापित अंतरराष्ट्रीय निधि द्वारा बिल्ली की संरक्षण की बात की गई।

By Umanath SinghEdited By: Published: Sat, 08 Aug 2020 12:00 PM (IST)Updated: Sat, 08 Aug 2020 12:00 PM (IST)
International Cat Day 2020: आज है अंतरराष्ट्रीय बिल्ली दिवस, जानें इसका इतिहास और महत्व
International Cat Day 2020: आज है अंतरराष्ट्रीय बिल्ली दिवस, जानें इसका इतिहास और महत्व

दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। हर साल 8 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बिल्ली दिवस मनाया जाता है। इसे सबसे पहले 2002 में मनाया गया था। जब पशु कल्याण के लिए स्थापित अंतरराष्ट्रीय निधि द्वारा बिल्ली की संरक्षण की बात की गई। इसके लिए उस समय कल्याण के लिए स्थापित अंतरराष्ट्रीय निधि ने हर साल 8 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बिल्ली दिवस मानने की शुरुआत की। इसके बाद से हर साल  8 अगस्त को दुनियाभर में बिल्ली दिवस मनाया जाने लगा। इसका मुख्य उद्देश्य बिल्ली को संरक्षण और मदद प्रदान करना है। साथ ही लोगों में बिल्ली के प्रति जागरूक करना है। भारत में भी बिल्ली दिवस मनाया जाता है। आइए बिल्ली दिवस के बारे में जानते हैं-

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अंतरराष्ट्रीय बिल्ली दिवस

बिल्ली की गिनती पालतू जानवर में होती है। इस दिवस को कई देशों में विश्व बिल्ली दिवस भी कहा जाता है। बिल्ली दिवस को मनाने को लेकर देशों में भिन्नता है। जहां रूस में 1 मार्च को बिल्ली दिवस मनाया जाता है। वहीं, अमेरिका में 29 अक्टूबर को बिल्ली दिवस मनाया जाता है।

जबकि जापान में 22 फरवरी को बिल्ली दिवस मनाया जाता है। हालांकि, अधिकांश देशों में बिल्ली दिवस 8 अगस्त को ही मनाया जाता है। इस दिन कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते लोग इस बार अपने घरों में हैं। ऐसे में सोशल मीडिया के सहारे बिल्ली दिवस को मनाया जा रहा है। इसके लिए लोग सोशल मीडिया पर बिल्ली का वीडियो और तस्वीरें शेयर कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बिल्ली दिवस महत्व

जैसा कि हम सब जानते हैं कि जानवर बोल नहीं सकते हैं, लेकिन अपनी भावना प्रकट कर सकते हैं। ऐसे में बिल्ली जो कि बेहद प्यारी और घरेलू जानवर होती है। उसके संरक्षण और मदद की जिम्मेवारी हमलोगों की है। आधुनिक समय में बिल्ली पालने का प्रचलन बढ़ा है। इससे समाज में जागरूकता आई है। धरा पर मौजूद सभी प्रजातियों का संरक्षण करना हमारा मौलिक कर्तव्य है।


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