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कोरोना वायरस के मौसमी बीमारी बनने के ये हैं प्रमुख कारण

Frontiers in Public Health में प्रकाशित शोध के अनुसार कोरोना वायरस के मौसमी बीमारी बनने की पूरी संभावना है। हालांकि ऐसा तब तक मुमकिन नहीं है जब तक हम हर्ड इम्युनिटी से दूर हैं।

Umanath SinghMon, 21 Sep 2020 11:23 AM (IST)
कोरोना वायरस के मौसमी बीमारी बनने के ये हैं प्रमुख कारण

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। कोरोना वायरस महामारी से पूरी दुनिया में अस्थिरता बनी हुई है। इस वायरस ने लोगों की ज़िंदगी पर व्यापक असर डाला है। विज्ञान अब भी इस पहेली को वैक्सीन के माध्यम से सुलझाने की कोशिश में जुटी हुई है। इसके लिए दुनियाभर में शोध किए जा रहे हैं। इन शोधों में कोरोना वायरस से बचने, संक्रमण को फैलने से रोकने और वैक्सीन यानी टीके बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

कई शोधों में शोधकर्ताओं को कामयाबी भी मिली है। इन सफलताओं की वजह से आज कई वैक्सीन परीक्षण के अंतिम चरण में हैं। इन वैक्सीन की खोज से उम्मीद जगी है कि शायद साल के अंत तक कोरोना वैक्सीन आम लोगों के लिए उपलब्ध हो जाए। इस क्रम में एक शोध से पता चला है कि अगर कोरोना वायरस वैक्सीन में देरी हाती है, तो  SARS-CoV-2 वायरस एक मौसमी बीमारी बन सकता है। हालांकि, इसके लिए हर्ड इम्युनिटी विकसित होना जरूरी है।

Frontiers in Public Health में प्रकाशित शोध के अनुसार, कोरोना वायरस के मौसमी बीमारी बनने की पूरी संभावना है। हालांकि, ऐसा तब तक मुमकिन नहीं है जब तक हम हर्ड इम्युनिटी से दूर हैं। एक बार लोगों में हर्ड इम्युनिटी विकसित होने के बाद कोरोना वायरस मौसमी बीमारी बनकर रह जाएगा।

इस बारे में शोधकर्ताओं का कहना है कि फ़िलहाल कोरोना वायरस का असर थमने वाला नहीं है। इस वायरस से संक्रमितों की संख्या में बढ़ोत्तरी होती रहेगी। कोरोना वायरस कई चरणों में हमला कर सकता है। खासकर मौसम बदलने वक्त इसका असर अधिक रह सकता है, क्योंकि कोरोना वायरस के लक्षण इन्फ्लुएंजा के समानांतर है। जबकि उष्णकटिबंधीय जलवायु क्षेत्रों में कोरोना का कहर अधिक रह सकता है। इन क्षेत्रों में मौसम बदलने पर लोगों में इन्फ्लुएंजा की शिकायत अधिक रहती है।

ऐसे में जब तक टीका तैयार नहीं हो जाता है, अथवा हर्ड इम्युनिटी विकसित नहीं हो जाती है। तब तक लोगों को आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए। जबकि लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने और संक्रमण को फैलने से रोकने की भी आदत डालने की जरूरत है। इसके लिए मास्क पहनकर ही बाहर निकलना चाहिए। भीड़ भाड़ इलाकों में जाने से बचना चाहिए। किसी भी अनचाही वस्तुओं को छूने के बाद अपने हाथों को जरूर धोना चाहिए।

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।