Coronavirus: किसी संक्रमित व्यक्ति से मिले बिना भी ऐसे हो सकते हैं कोविड पॉज़ीटिव...

Coronavirus Omicron Infectionआमतौर पर कोविड से संक्रमित लोग लक्षण आने से 2-3 दिन पहले ज़्यादा संक्रामक होते हैं। पूर्व-लक्षण एक ऐसी स्थिति जब एक व्यक्ति वायरस से संक्रमित हो चुका है लेकिन उसमें अभी विकसित नहीं हुए हैं।

Ruhee ParvezPublish: Fri, 21 Jan 2022 12:00 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 12:00 PM (IST)
Coronavirus: किसी संक्रमित व्यक्ति से मिले बिना भी ऐसे हो सकते हैं कोविड पॉज़ीटिव...

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Coronavirus: भारत में इस वक्त कोविड-19 की तीसरी लहर से सभी जूझ रहे हैं। ऐसे में एक सवाल जो सभी को सता रहा है, वो है कि किसी कोविड पॉज़ीटिव व्यक्ति के संपर्क में आए बिना कोरोना वायरस से संक्रमित कैसे हो रहे हैं। यह सभी जानते हैं कि कोरोना वायरस एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। ऐसे में आइए जानते हैं दूसरे फैक्टर्स जिसकी नजह से यह वायरस फैल रहा है।

पूर्व-लक्षण की स्थिति

आमतौर पर कोविड से संक्रमित लोग लक्षण आने से 2-3 दिन पहले ज़्यादा संक्रामक होते हैं। 'पूर्व-लक्षण' एक ऐसी स्थिति जब एक व्यक्ति वायरस से संक्रमित हो चुका है लेकिन उसमें अभी विकसित नहीं हुए हैं, यानी संक्रमित होने और लक्षण विकसित होने के बीच के समय को 'पूर्व-लक्षण' कहा जाता है। आपके आसपास मौजूद एक पूर्व-लक्षण वाला व्यक्ति किसी संक्रमित व्यक्ति जितना ही संक्रामक होता है और संक्रमण फैलाने में सक्षम होता है।

कोविड पॉज़ीटिव व्यक्ति से दूरी

अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति के पास हैं, जो कोविड पॉज़ीटिव है, तो आप भी आसानी से संक्रमित हो जाएंगे। कोरोना वायरस एक संक्रमिकत व्यक्ति के खांसने, छींकने, बात करने या सांस लेने से फैलता है। अगर आप किसी संक्रमित व्यक्ति के पास खड़े हैं, तो उसके मुंह निकलीं बूंदें आपके मुंह, आंख या नाक के ज़रिए आसानी से संक्रमित कर सकती हैं। यह संक्रमण होने की संभावना तब बढ़ जाती है जब आप खराब हवादार या भीड़-भाड़ वाले घर के अंदर होते हैं।

लक्षणहीन कैरियर

ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसे कोविड-19 है, लेकिन उसमें लक्षण नहीं दिखते हैं, तो उसे लक्षणहीन कहा जाएगा। इन लोगों को खुद नहीं पता होता कि वे संक्रमित हैं।

तो अगर आप ऐसे किसी व्यक्ति के संपर्क में आते हैं जो लक्षणहीन है, तो आप भी संक्रमित हो सकते हैं। एक लक्षणहीन व्यक्ति से संक्रमित होने का मतलब यह नहीं है कि आप भी लक्षणहीन होंगे।

टेस्टिंग की कमी

कोविड-19 मामले का पता लगाने का एक मात्र ज़रिया है और वह है टेस्टिंग। क्योंकि कोरोना के लक्षण अन्य कई बीमारियों से मिलते हैं, इसलिए ऐसे लोगों की संख्या ज़्यादा है जो सर्दी-ज़ुकाम जैसे लक्षण को आम फ्लू मानकर उसी का इलाज शुरू कर देते हैं और कोविड टेस्ट नहीं करवाते। ऐसे में जब तक उस व्यक्ति का सर्दी-ज़ुकाम ठीक नहीं होता, वो उसे कई लोगों में फैला चुका होता है।

लक्षणहीन मामलों का पता लगाने के लिए सिर्फ लैब टेस्ट ही एक मात्र तरीका है। इसलिए लक्षणहीन लोग टेस्ट नहीं करवाते, क्योंकि उनमें कोई लक्षण ही नज़र नहीं आता, जिसकी वजह से कई लोग संक्रमित हो जाते हैं।

ओमिक्रॉन वेरिएंट

कोविड-19 का सुपर-स्प्रेडर वेरिएंट 'ओमिक्रॉन' जो दुनियाभर में लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है, में कोविड के दूसरे वेरिएंट की तुलना में गंभीर लक्षण नहीं नज़र आते और ज़्यादातर लोग लक्षणहीन हैं। यही वजह है कि यह वायरस तेज़ी से फैल रहा है और इससे बचना मुश्किल है खासतौर पर अगर आप बाहर हैं।

हाल ही में JAMA Network Open की एक रिसर्च के मुताबिक, ओमिक्रॉन में लक्षणहीन मामलों से हो रहा वायरस का संचरण ज़्यादा देखा जा रहा है।

Disclaimer:लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Edited By Ruhee Parvez

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