Beetroot For Cancer: क्या कैंसर से लड़ने में मददगार साबित होता है चुकंदर?

Beetroot For Cancer नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन द्वारा प्रकाशित बीटरूट ए पोटेंशियल फंक्शनल फूड फॉर कैंसर केमोप्रिवेंशन अध्ययन के अनुसार चुकंदर कैंसर को रोकने में प्रभावी है और कीमोथेरेपी से जुड़े दर्दनाक प्रभावों का भी प्रबंधन करता है।

Ruhee ParvezPublish: Fri, 21 Jan 2022 05:00 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 05:22 PM (IST)
Beetroot For Cancer: क्या कैंसर से लड़ने में मददगार साबित होता है चुकंदर?

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। मौसम के साथ आने वाली सब्ज़ियों और फलों की बात ही कुछ और होती है। जब बात आती है सर्दियों के खाने की तो हमारे पास कई चीज़ों का विकल्प होता है, जिससे हमारे शरीर को पोषण मिलता है। ऐसी ही एक सब्ज़ी है चुकंदर, जो कई फायदों से भरपूर है। हम अक्सर सुनते हैं कि जिन लोगों के शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है, उन्हें चुकंदर खाना चाहिए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर में खून के स्तर को बढ़ाने के साथ स्वादिष्ट चुकंदर कैंसर से भी लड़ने में सक्षम है।

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन द्वारा प्रकाशित "बीटरूट ए पोटेंशियल फंक्शनल फूड फॉर कैंसर केमोप्रिवेंशन" अध्ययन के अनुसार, चुकंदर कैंसर को रोकने में प्रभावी है और कीमोथेरेपी से जुड़े दर्दनाक प्रभावों का भी प्रबंधन करता है।

चुकंदर के फायदे

शोध कहता है कि चुकंदर स्वाद में मीठा ज़रूर होता है, लेकिन इसमें कैलोरी कम होती है पोषक तत्वों से भरपूर होता है। यह फोलेट का एक उत्कृष्ट स्रोत है, जो एक तरह का विटामिन-बी है, जो दिल को स्वस्थ रखता है और डीएनए के उत्पादन और मरम्मत में इसकी भूमिका के कारण, इसे कैंसर विरोधी भी माना गया है।

क्या कहती है रिसर्च?

हम सभी जानते हैं कि चुकंदर का लाल रंग बीटालेन नामक यौगिकों से आता है, जो हृदय और कैंसर दोनों से सुरक्षा प्रदान कर सकता है। अध्ययन के अनुसार, चुकंदर कार्सिनोजेन के निर्माण को रोकता है और प्रतिरक्षा कोशिकाओं और शरीर के एंज़ाइमों के उत्पादन को बढ़ाता है, जो कैंसर के विकास से लड़ने में मदद करते हैं। इसमें आगे कहा गया, "स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित होने वाला चुकंदर कैंसर में भी संभावित रूप से फायदेमंद हो सकता है। पॉलीफेनोल्स, फ्लेवोनोइड्स, आहार नाइट्रेट्स और अन्य उपयोगी पोषक तत्वों से भरपूर चुकंदर कैंसर को रोकने और कीमोथेरेपी से जुड़े अवांछित प्रभावों को प्रबंधित करने में मददगार साबित होता है।"

चुकंदर को कैसे खाया जाना चाहिए?

इसे कच्चा खाना ही सबसे लाभदायक है, लेकिन आप इसका जूस निकालकर भी पी सकते हैं। साथ ही अमेरिकल इंस्टीट्यूट फॉर कैसंर रिसर्च सलाह देता है कि चुकंदर को ज़्यादा पकाने की जगह सिर्फ 15 मिनट उबालना बेहतर है। एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि रोज़ाना सभी को चुकंदर का जूस पीना चाहिए। इसमें नाइट्रेट्स होते हैं, जो ख़ून में मिलकर नाइट्रिक ऑक्साइड बन जाते हैं।

नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करने और आराम देने में मदद करता है, जिससे रक्तचाप कम होता है। दूसरी रिसर्च के मुताबिक, जो लोग रोज़ाना 250 एमएल चुकंदर का जूस पीते हैं, उनका सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर कम होता है।

Disclaimer:लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Edited By Ruhee Parvez

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