Coronavirus: कोविड-19 संक्रमण से लड़ने के लिए अपने फेफड़ों को कैसे मज़बूत बनाएं?

Coronavirus कई मामलों में कोविड संक्रमण के कारण निमोनिया ऑक्सीजन का स्तर कम होना सांस लेने में तकलीफ होना लंग फाइब्रोसिस जैसे मामले सामने आए हैं। यहां तक कि जिन लोगों के फेफड़े कोविड से पहले बिल्कुल स्वस्थ थे उनके भी फेफड़े कमज़ोर हो गए।

Ruhee ParvezPublish: Mon, 24 Jan 2022 04:00 PM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 04:17 PM (IST)
Coronavirus: कोविड-19 संक्रमण से लड़ने के लिए अपने फेफड़ों को कैसे मज़बूत बनाएं?

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की वजह से भारत सहित कई देशों में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं। डेल्टा वेरिएंट की तुलना ये नया वेरिएंट ज़्यादातर मामलों में हल्के लक्षणों का कारण ही बन रहा है। हालांकि, इसके बावजूद WHO और हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे हल्के में न लेने की सलाह लगातार दे रहे हैं। ओमिक्रॉन से संक्रमित होने पर आमतौर पर हल्के से तेज़ बुख़ार, सर्दी-ज़ुकाम, खांसी, गले में दर्द, बदन दर्द, सिर दर्द जैसे लक्षण महसूस होते हैं। जिनका इलाज घर पर रहकर ही हो जाता है। हालांकि, अगर आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही है, तो डॉक्टर से फौरन संपर्क करें।

कई मामलों में कोविड संक्रमण के कारण निमोनिया, ऑक्सीजन का स्तर कम होना, सांस लेने में तकलीफ होना, लंग फाइब्रोसिस जैसे मामले सामने आए हैं। यहां तक कि जिन लोगों के फेफड़े कोविड से पहले बिल्कुल स्वस्थ थे, उनके भी फेफड़े कमज़ोर हो गए। ऐसे में भले ही अभी ओमिक्रॉन हल्के लक्षणों की वजह बन रहा हो, लेकिन फिर भी हमें अपने फेफड़ों की सेहत पर ध्यान देने की ज़रूरत है।

आइए जानें कि कोविड महामारी के इस दौर में किस तरह फेफड़ों को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है।

सांस लेने वाले व्यायाम

सांस फूलना और शरीर में ऑक्सीजन की कमी होना गंभीरता कोविड संक्रमण के सामान्य लक्षण हैं, क्योंकि कोविड-19 फेफड़ों पर हमला करना शुरू कर देता है।

यही वजह है कि कोविड के मरीज़ों को आसान सी गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज़ करने की सलाह दी जाती है। इससे न सिर्फ आपको सांस लेने में आसानी होगी बल्कि सीने और फेफड़ों में रक्त प्रवाह बेहतर होगा। गहरी सांस लेने से फेफड़ों और सीने की मांसपेशियों की एक्सरसाइज़ हो जाती है। इसके अलावा आप रेस्पीरोमीटर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

खाने में शामिल करें ये चीज़ें

एक अच्छा विटामिन और खनिज युक्त आहार प्रतिरक्षा को बढ़ावा देता है और कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जो विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं और आपको आसानी से सांस लेने में भी मदद करते हैं। इस तरह आप आसानी से घर पर ही अपने फेफड़ों को हेल्दी बना सकेंगे। प्रोसेस्ड और रिफाइन्ड फूड से दूर रहें और मौसमी सब्ज़ियां जैसे- चुकंदर, ग्रीन-टी, ब्लूबैरीज़ टमाटर, नट्स और बीज का सेवन करें जिससे आपके फेफड़ों की सेहत में सुधार आएगा। गुड़, सिटरस फूड भी डाइट में शामिल करें।

लहसुन और हल्दी ताक़तवर एंटी-ऑक्सीडेंट्स फूड हैं, जिसमें एंटी-वायरल गुण होते हैं। ओमेगा-3 से भरपूर खाना खाएं, जो विशेष रूप से फेफड़ों में सूजन को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं और श्वसन संबंधी अन्य बीमारियों के जोखिम को कम करते हैं। विशेषज्ञ भी लोगों को एक समृद्ध पोषक तत्व से भरपूर आहार का पालन करने और वज़न घटाने में सहायता करने वाले आहार को छोड़ने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे रिकवरी के समय आपके शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।

स्मोकिंग न करें

धूम्रपान न सिर्फ आपको कोविड से संक्रमित होने के उच्च जोखिम में डालता है, बल्कि यह आपके फेफड़ों के लिए सबसे ख़राब चीज़ों में से एक है, जो पहले से ही फेफड़ों को कमज़ोर बनाता है।

कार्डियो वर्कआउट

ऐसी कोई भी एक्टिविटी जो आपके सांसों को तेज़ कर देती है- फेफड़ों को मज़बूत बनाती है और वे बेहतर तरीके से काम करते हैं। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि मरीज़ों को रिकवरी के बाद हल्के कार्डियो एक्सरसाइज़ करनी चाहिए जिससे उनके श्वसन स्वास्थ्य के लिए अच्छा होगा। इसके अलावा योग भी किया जा सकता है जिससे फेफड़ों की सेहत के साथ इम्यूनिटी को भी बढ़ावा मिलेगा। याद रखें कि रोज़ाना वर्कआउट करें लेकिन धीरे-धीरे इसे बढ़ाएं।

प्रदूषण और धुएं से रहें दूर

जो लोग हाल ही में कोविड-19 से उबरे हैं, या जिनके फेफड़े कमज़ोर हैं, उन्हें धुंए, प्रदूषित वातावरण से दूर रहना चाहिए। प्रदूषण न सिर्फ दोबारा संक्रमण का कारण बनता है बल्कि सांस लेने भी मुश्किल बना सकता है।

अगर आप घर से बाहर निकलते हैं, तो ज़रूरी सावधानियां बरतना न भूलें, मास्क पहनें, दवाएं लें और सेहत का ख़्याल रखें। भांप लेने से भी आपकी सेहत में सुधार बना रहेगा।

Disclaimer:लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Edited By Ruhee Parvez

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