Cold Wave Diseases: सर्द हवाएं बन सकती हैं इन 5 बीमारियों का कारण, ऐसे करें इनका इलाज

Cold Wave Diseases भले ही आप सर्दियों में होने वाली बीमारियों या समस्याओं से जूझ क्यों न चुके हों ये सर्द हवाएं एक बार फिर आपको बीमार कर सकती हैं। यही वजह है कि इस दौरान अपनी सेहत का ध्यान ज़रूर रखें।

Ruhee ParvezPublish: Thu, 20 Jan 2022 02:04 PM (IST)Updated: Thu, 20 Jan 2022 02:04 PM (IST)
Cold Wave Diseases: सर्द हवाएं बन सकती हैं इन 5 बीमारियों का कारण, ऐसे करें इनका इलाज

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Cold Wave Diseases: भारत के उत्तरी क्षेत्र में सुबह और रात में चल रहीं सर्द हवाओं ने मौसम का मिजाज़ ही बदल दिया है। हालांकि दोपहर बाद धूप तो निकलती है लेकिन उससे लोगों कोई ख़ास राहत नहीं मिलती और दिन भर लोग ठंड से कांपते हैं। मौसम विभाग ने भी अगले दो-तीन दिनों में कुछ इलाकों में बारिश और कुछ में बर्फबारी की सूचना दी है। मौसम में इन बदलावों का असर हमारी सेहत पर भी पड़ता है।

भले ही आप सर्दियों में होने वाली बीमारियों या समस्याओं से जूझ क्यों न चुके हों, ये सर्द हवाएं एक बार फिर आपको बीमार कर सकती हैं। यही वजह है कि इस दौरान अपनी सेहत का ध्यान ज़रूर रखें।

तो आइए जानें सर्द हवाओं से सेहत से जुड़ी किस तरह की दिक्कतें शुरू हो सकती हैं:

1. हड्डी, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द

बादल छाए रहने का मतलब होता है कि धूप काफी कम निकलेगी। इसका मतलब आपके शरीर में विटामिन-डी की कमी भी हो सकती है। इसमें नमी और कम तापमान भी जोड़ लें, तो आपको हड्डियों, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द का अनुभव बिल्कुल होगा। शरीर को गर्म कपड़ों से ठीक तरह से ढकें, विटामिन-डी से भरपूर खाना खाएं और एक्सरसाइज़ करें ताकि जोड़ों में अकड़न न आए।

2. खांसी और सर्दी

मौसम में अचानक बदलाव आने से सर्दी-खांसी होना आम बात है। आपको सर्द हवाओं में भले ही मज़ा आ रहा हो, लेकिन इससे गले, कानों और सीने में दर्द हो सकता है। खांसी और ज़ुकाम से बचने के लिए खुद को गर्म रखें और गरम चीज़ें पिएं।

3. ब्रोंकाइटिस और सांस की बीमारियां

ठंडी हवाओं और नमी के संपर्क में आने से ब्रोंकाइटिस से लेकर फेफड़ों में संक्रमण तक सब कुछ हो सकता है। एक बार जब आपके शरीर में ठंडक आ जाती है, तो यह श्वसन पथ को प्रभावित करती है, और बुख़ार का कारण भी बन सकती है। इससे निपटने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप गर्म रहें, और अपने श्वसन पथ को साफ रखने के लिए गर्म पानी और गर्म सूप पिएं।

4. ब्लड प्रेशर की समस्या

शीत लहर का अर्थ है कि घटते तापमान के साथ वायुमंडलीय दबाव कम हो जाएगा। यह अक्सर हाइपरटेंशन, या उच्च रक्तचाप की वजह बनता है। जिसके कारण सिर दर्द से लेकर स्ट्रोक का ख़तरा बढ़ता है। आपको लहसुन, केला, सिटरस फलों और शहद का सेवन करना चाहिए ताकि शीत लहर के दौरान ब्लड प्रेशर ठीक रहे।

5. त्वचा से जुड़ी दिक्कतें

अचानक तापमान में आई कमी और सर्द हवाओं का असर हमारी त्वचा पर भी पड़ता है। फटे होंठ और त्वचा से कई लोग जूझते हैं। अगर इसका समय पर इला न किया जाए, तो इसमें दर्द और खून बेहने लगता है। इसलिए स्किन को अच्छी तरह मॉइश्चराइज़ करें और खूब पानी पिएं।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Edited By Ruhee Parvez

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