Ayurvedic Skincare Tips: 'कुमकुमादि तैलम' बढ़ती उम्र से लड़ने का आयुर्वेदिक उपाय

एक चमत्कार अमृत के रूप में आविष्कार किया गया यह तेल नियमित रूप से लगाने पर त्वचा को सोने की तरह चमकदार बनाता है। कुमकुमादि तेल जिसका शाब्दिक अर्थ केसर का तेल अपने चमत्कारी गुणों के लिए जाना जाता है।

Ruhee ParvezPublish: Mon, 24 Jan 2022 10:55 AM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 11:38 AM (IST)
Ayurvedic Skincare Tips: 'कुमकुमादि तैलम' बढ़ती उम्र से लड़ने का आयुर्वेदिक उपाय

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Ayurvedic Skincare Tips: मौसम में बदलाव के कारण हमारी त्वचा अपनी चमक खो सकती है, और इस दौरान हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि हम एक हेल्दी और पोषण से भरपूर त्वचा के लिए सही स्किन केयर रुटीन का पालन करें। त्वचा पर किसी भी तरह का प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले उसकी जांच कर लें। इसलिए बेहतर है कि प्राकृतिक प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल किया जाए, जैसे कि आयुर्वेद। आपने कुमाकुमादि तैलम का नाम ज़रूर सुना होगा, यह एक ऐसी आयुर्वेदिक फॉर्मुला है जिसे आपको अपने स्किन केयर रुटीन में ज़रूर शामिल करना चाहिए।

एक "चमत्कार अमृत" के रूप में आविष्कार किया गया, यह तेल नियमित रूप से लगाने पर त्वचा को सोने की तरह चमकदार बनाता है। कुमकुमादि तेल, जिसका शाब्दिक अर्थ "केसर का तेल", अपने चमत्कारी गुणों के लिए जाना जाता है। तो आइए जानें कि कुमकुमादि तैयल के क्या-क्या फायदे हैं।

त्वचा की बनावट में सुधार करता है

हमारी त्वचा कुछ तरह के प्रोटीन्स से बनती है। यह प्रोटीन त्वचा को मुलायम और कोमल बनाए रखने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। अगर आप ऐसे स्किनकेयर सोल्यूशन का इस्तेमाल करते हैं जिसमें कुमाकुमादि जैसे तत्व हैं, तो आपकी त्वचा की बनावट में सुधार होगा। त्वचा की बनावट को फिर से जीवंत करने के लिए कुमकुमादि तैलम का उपयोग करते समय, आपके चेहरे पर महीन रेखाएं और झुर्रियां भी रुकेंगी।

स्किन पर आता है ग्लो

इस चेहरे के तेल के सबसे महत्वपूर्ण कामों में से एक है त्वचा की रक्षा और उपचार करते समय प्राकृतिक चमक को जोड़ना। त्वचा की कोशिकाओं को क्षति से बचाते हुए, यह त्वचा को लंबे समय तक जवां दिखने में मदद करता है। अपनी प्राकृतिक और उम्र को कम करने वाली क्षमताओं के कारण, आपकी उम्र चाहे जो भी हो, यह चमक बरकरार रखने में मदद करता है।

उम्र बढ़ने के संकेतों को रोकता है और मुंहासों को कम करता है

कुमकुमादि तैलम एक पारंपरिक आयुर्वेदिक दवा है जो विभिन्न प्रकार की त्वचा की समस्याओं का इलाज करती है। कुमकुमादि का तेल मुहांसे वाली त्वचा के लिए उपयुक्त है। यह त्वचा के ऊतकों को दोबारा उत्पन्न और त्वचा कोशिकाओं को उत्तेजित करके मुंहासे के निशान की उपस्थिति को कम कर सकता है। त्वचा पर मौजूद दाग़, झुर्रियां और उम्र बढ़ने की निशानियों को कम करता है। इसे आमतौर पर सोरायसिस, एक्ज़िमा, मुंहासों, रोसैसिया और ऐसे ही त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करता है।

सूरज की किरणों से हुई टैनिंग को दूर करता है

कुमकुमादि तैलम टैनिंग को प्रभावी ढंग से ठीक कर देता है। यह एक तरह का हर्बल ट्रीटमेंट है, जिसे हर तरह की त्वचा पर उपयोग किया जा सकता है। यही वजह है कि यह लोगों की बीच इतना पॉपुलर है। साथ ही इसे इस्तेमाल करना बिल्कुल सुरक्षित और प्राकृतिक है।

Edited By Ruhee Parvez

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