पैसा नहीं एड्स का वायरस ला रहे प्रवासी

पश्चिम सिंहभूम जिला में 237 एचआइवी संक्रमित मरीज मौजूद हैं जिनका इलाज स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में चल रहा है। पिछले दो वर्ष में एचआइवी संक्रमित मरीजों की संख्या अधिक वृद्धि दर्ज की गई है जो जिला के लिए चिता का विषय है।

JagranPublish: Wed, 01 Dec 2021 07:48 AM (IST)Updated: Wed, 01 Dec 2021 07:48 AM (IST)
पैसा नहीं एड्स का वायरस ला रहे प्रवासी

मो. तकी, चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिला में 237 एचआइवी संक्रमित मरीज मौजूद हैं, जिनका इलाज स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में चल रहा है। पिछले दो वर्ष में एचआइवी संक्रमित मरीजों की संख्या अधिक वृद्धि दर्ज की गई है जो जिला के लिए चिता का विषय है। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रत्येक माह औसतन चार मरीज जिला में मिल रहे हैं। इसमें 20 से 35 वर्ष के युवा सबसे अधिक संक्रमित पाए गए हैं। जिला में जितने पुरुष संक्रमित पाए गए हैं इसमें महिलाओं की संख्या आधी है। इसमें सबसे चिता का विषय यह है कि पुरुषों में बाहर से असुरक्षित यौन संबंध से फैला एचआइवी घरेलू महिलाओं को संक्रमित किया है। यह आंकड़ा अस्पताल में आने वाले लोगों का है जबकि संकोच और जागरूकता की कमी के कारण अधिकतर लोग एचआइवी जांच कराने पहुंचते भी नहीं है। सदर अस्पताल में आइसीटीसी लैब में संक्रमित मरीजों की जांच मुफ्त में की जाती है जबकि संक्रमित पाये गये मरीजों को एआरटीसी कार्यालय से मुफ्त में दवा दी जाती है।

--------------------

चक्रधरपुर व जगन्नाथपुर क्षेत्र में सबसे अधिक एचआइवी संक्रमित मरीज

- सदर अस्पताल एआरटीसी कार्यालय के काउंसलर फ्रांसिस सुंडी ने कहा कि जिला के चक्रधरपुर व जगन्नाथपुर क्षेत्र से अधिक एचआइवी संक्रमित पाए जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि स्थानीय लोगों को बाहर जाने और आने की सुविधा ज्यादा है। जगन्नाथपुर, नोवामुंडी, बड़ाजामदा क्षेत्र में ट्रकों से मजदूर, चालक बाहर जाते हैं। बाहरजाकर असुरक्षित यौन संबंध बना कर एचआइवी संक्रमण फैलता है। इसी प्रकार चक्रधरपुर क्षेत्र में रेलवे लाइन बड़े शहरों से सीधी जुड़ी हुई है। जिससे मजदूर कार्य के लिए बाहर जाते हैं, वहां से लौट कर संक्रमण अपने साथ लेकर आते हैं और अपने परिवार तक इस बीमारी को पहुंचा देते हैं। संक्रमित मरीजों की संख्या और अधिक मिले इसके लिए नोवामुंडी व मनोहरपुर क्षेत्र में आइसीटीसी लैब खोला जाना चाहिए।

--------------

सालाना 15 एचआइवी मरीजों को सामाजिक सुरक्षा विभाग देगी पेंशन, आवेदन आए 73

- जिला में एचआइवी संक्रमित मरीजों की संख्या 237 है। इसमें से एआरटीसी कार्यालय की ओर से संक्रमित 42 मरीजों के लिए पेंशन के लिए आवेदन विभाग को दिया गया है। वहीं 25 आवेदन देने की प्रक्रिया विभाग से की जा रही है। जबकि सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर वर्ष 2021-22 में मात्र 15 एचआइवी संक्रमित मरीजों को ही पेंशन का लाभ दिया जायेगा। जबकि 50 संक्रमित मरीजों को पेंशन का लाभ कब मिलेगा इसका विभाग के पास कोई जवाब नहीं है।

--------------

जिले में मिले एचआइवी संक्रमित मरीज माहवार

माह संख्या

वर्ष 2020

- जुलाई 2

- अगस्त 1

- सितंबर 4

- अक्टूबर 2

- नवंबर 1

- दिसंबर 7

----------

- वर्ष 2021

जनवरी - 4

- फरवरी 2

- मार्च 5

- अप्रैल 1

- मई 3

- जून 3

- जुलाई 6

- अगस्त 4

- सितंबर 5

- अक्टूबर 5

- नवंबर 5

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept
ट्रेंडिंग न्यूज़

मौसम