चाईबासा शहर में 17 हजार घरों में पाइप लाइन से सीधे नल में आएगा पानी

पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा की शहरी आबादी को आने वाले दिनों में पीने के पानी के लिए जूझना नहीं पड़ेगा। चाईबासा शहरी जलापूर्ति योजना का काम जल्द पूरा होने वाला है।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 08:05 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 08:05 PM (IST)
चाईबासा शहर में 17 हजार घरों में पाइप लाइन से सीधे नल में आएगा पानी

सुधीर पांडेय, चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा की शहरी आबादी को आने वाले दिनों में पीने के पानी के लिए जूझना नहीं पड़ेगा। चाईबासा शहरी जलापूर्ति योजना का काम जल्द पूरा होने वाला है। योजना के चालू होने पर चाईबासा शहर के 21 वार्डों में 17 हजार घरों में पाइप लाइन के जरिये सीधा पानी पहुंचेगा। योजना के तहत कुल 70 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाना था। इसके सापेक्ष करीब 63 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अब केवल 7 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाना शेष है। वर्तमान में योजना के तहत 375 घरों में पाइप लाइन के जरिये पीने के पानी की आपूर्ति की जा रही है। पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल चाईबासा की ओर से बताया गया कि कार्य पूरा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2022 है मगर कुछ तकनीकी कारणों की वजह से काम पूरा करने में थोड़ा विलंब हुआ है। काम करने वाली एजेंसी को कार्य में तेजी लाते हुए जितना जल्दी हो सके काम पूरा करने का निर्देश दिया है। बता दें कि पेयजल मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर चाईबासा से आते हैं। शहरी जलापूर्ति योजना उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। वो स्वयं इसके काम की निगरानी कर रहे हैं।

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एसएमएस पर्यावरण के ब्लैक लिस्ट होने के बाद जेमिनी इंटरप्राइजेज को मिला काम

चाईबासा में शहरी जलापूर्ति योजना एक महत्वाकांक्षी योजना है। पहली बार 26 अप्रैल 2013 को मेसर्स एसएमएस पर्यावरण के साथ विभाग का समझौता हुआ था। एकरारनामा की राशि 38.18979 करोड़ रुपये थी। 25 अप्रैल 2015 तक इसे पूर्ण करना था। कंपनी समय पर कार्य पूर्ण नहीं कर पायी थी। जलापूर्ति के लिए 44 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का काम कंपनी ने किया था। फिर काम बंद कर दिया था। इस कारण विभाग की ओर से कंपनी को काली सूची में डाल दिया गया था। दूसरी बार विभाग ने मेसर्स जेमिनी इंटरप्राइजेज के साथ 1 जनवरी 2021 को एकरारनामा किया। इस बार एकरारनामा राशि 12.40549 करोड़ रुपये तय हुई। काम को 31 जनवरी 2022 में पूर्ण करने की अंतिम तिथि है। इस एजेंसी को 26 किलोमीटर पाइप लाइन बिछानी थी। 20 किलोमटीर की पाइप लाइन बिछायी जा चुकी है। शेष 6 किलोमीटर का काम चल रहा है।

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अभी यह है कार्य की स्थिति

- गांधी टोला में पीएचडी कालोनी में 18.6 लाख लीटर की पानी की टंकी बन रही है। इसका 65 फीसद काम पूरा हो चुका है। अब केवल टाप रूफ स्लैब की शटरिग होनी है। 2-3 दिन में यह काम शुरू होगा।

फरवरी अंत तक इसके बनकर तैयार होने की बात कही जा रही है। इस टंकी से 8 हजार कनेक्शन दिये जायेंगे।

- महुलसाई में 9.30 लाख लीटर की टंकी का निर्माण अंतिम चरण में है। टावर तक सीढ़ी का काम चल रहा है। पाइप लाइन भी जोड़ी जा रही हैं। इस टंकी से करीब 3 हजार पेयजल कनेक्शन दिये जायेंगे। एक प्रकार से देखा जाये तो 80 फीसद तक काम पूरा हो चुका है।

- सदर ब्लाक कैंपस में भी एक टंकी का निर्माण किया जा रहा है। इसकी क्षमता 4.50 लाख लीटर होगी। इस टंकी का 95 फीसद तक काम पूरा हो चुका है। अब हाइड्रो टेस्टिग करना शेष है।

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चाईबासा में शहरी जलापूर्ति योजना का काम तेजी से चल रहा है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार है। योजना के तहत पांच इ पानी की टंकी बनानी थी। दो पूर्ण हो चुकी हैं। तीन टंकी का निर्माण अंतिम चरण में है। हम लोग उम्मीद कर रहे हैं कि फरवरी अंत तक अधिक से अधिक घरों में पीने के पानी की सप्लाई दे दी जायेगी।

- प्रभात कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, चाईबासा।

Edited By Jagran

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