चेतना नन बैंकिग कंपनी के डायरेक्टर समेत छहकर्मियों को तीन-तीन साल की सजा

चेतना नन बैकिग कंपनी के डायरेक्टर समेत छह कर्मियों को धोखेबाजी से लोगों का पैसा कंपनी में जमा कराने और उन पैसों को हड़प जाने के मामले में दोषी पाते हुए चाईबासा व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत ने शनिवार को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 08:13 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 08:13 PM (IST)
चेतना नन बैंकिग कंपनी के डायरेक्टर समेत छहकर्मियों को तीन-तीन साल की सजा

जागरण संवाददाता, चाईबासा : चेतना नन बैकिग कंपनी के डायरेक्टर समेत छह कर्मियों को धोखेबाजी से लोगों का पैसा कंपनी में जमा कराने और उन पैसों को हड़प जाने के मामले में दोषी पाते हुए चाईबासा व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत ने शनिवार को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में चेतना कंपनी के डायरेक्टर अबु तलहा, लाला धनवा, नीतू लकडा, संचरी बरहा, विक्टोरिया डुंगडुंग और सरस्वती बरहा शामिल हैं। इन लोगों के खिलाफ 24 अप्रैल 2015 को सदर थाना के बड़ी बाजार बरकंदाजटोली निवासी बेबी कुमारी के बयान पर मामला दर्ज किया गया था।

---2012 में झांसा देकर जमा करवाया था पैसा--

सदर थाना में दर्ज मामले में बताया गया था कि वर्ष 2012 में चेतना नन बैकिग कंपनी के डायरेक्टर अबु तलहा के साथ नीतू लकडा, संचरी बरहा, विक्टोरिया डुंगडुंग, सरस्वती बरहा और लाला धनवा अपने अन्य एजेंटों के साथ बरकंदाजटोली आए और अधिक पैसा मिलने का प्रलोभन देकर लगभग सौ गरीब महिलाओं का खाता खोला। समय पूरा होने पर जब उक्त लोगों से पैसा मांगा गया तो बाद में देने की बात कही गई। कुछ दिन बीत जाने के बाद सभी ने कहा कि कंपनी भाग गई है, पैसा वापस नहीं मिलेगा। जबकि कंपनी के मुख्य लोग स्थानीय थे। दर्ज मामले में कहा गया था कि गरीबों को चेतना कंपनी ने सब्जबाग दिखाकर धोखाधड़ी से लूट लिया है। अदालत में उक्त सभी के खिलाफ धोखाधड़ी का साक्ष्य मिलने पर उन्हें दोषी करार देते हुए सभी छह दोषियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई है।

Edited By Jagran

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