केशाफूली की अवैध खदानों को प्रशासन कराया ध्वस्त

संवाद सहयोगी साहिबगंज बरहेट थाना क्षेत्र के केशाफूली स्थित अवैध कोयला खदान को जिला खनन प

JagranPublish: Sun, 05 Dec 2021 01:05 AM (IST)Updated: Sun, 05 Dec 2021 01:05 AM (IST)
केशाफूली की अवैध खदानों को प्रशासन कराया ध्वस्त

संवाद सहयोगी, साहिबगंज: बरहेट थाना क्षेत्र के केशाफूली स्थित अवैध कोयला खदान को जिला खनन पदाधिकारी ने जेसीबी से शनिवार को ध्वस्त कर दिया। जिला खनन पदाधिकारी विभूति कुमार, वन विभाग के रेंजर रविद्र तिवारी,बरहेट थाना पुलिस बल की उपस्थिति में एक दर्जन से अधिक अवैध रूप से चल रहे कोयला खदानों को बंद कराया गया। खनन पदाधिकारी विभूति कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से केशाफूली में अवैध रूप से कोयला खदानों से कोयला निकालने की सूचना मिली थी। 300 एकड़ में कोयला का भंडार:

साहिबगंज,गोड्डा, पाकुड़ जिला के सीमावर्ती क्षेत्र होने के साथ सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के धमनी, बरहेट थाना क्षेत्र के छूछी पंचायत के केशाफूली सीमावर्ती क्षेत्र में पड़ता है जिसमें जानकार बताते हैं कि लगभग 300 एकड़ में कोयला का अपार भंडार बताया जाता है जो कि वन विभाग के क्षेत्र में पड़ता है। इस क्षेत्र में सीमावर्ती जिले के कोयला माफिया अवैध कोयला खदानों से कोयला निकालकर विभिन्न माध्यमों से तस्करी करते हैं। जिस पर प्रशासन की ओर से बीच-बीच में कोयला खदानों को बंद करने के लिए यहां पहुंचती है तथा बंद कराया जाता है पर पुन: एक-दो माह के बाद इस क्षेत्र में सक्रिय कोयला तस्कर फिर से खुदाई कर कोयला निकालकर अवैध कारोबार करने लगता है। प्रशासन के पहुंचने से पहले खाली हो जाता है खदान

जानकारों की माने तो जिला प्रशासन की ओर से कार्यवाही होने से पूर्व ही अवैध कोयला खदान पूरी तरह से खाली हो जाता है। जिससे प्रशासन जब भी केशाफूली पहुंचती है तो उन्हें सिर्फ खदान बंद करना पड़ता है। जबकि वहां न तो कोयला का कोई स्टाक मिलता है और न ही इस अवैध कारोबार में लगे लोग ही मिलते हैं। जिससे प्रशासन कभी भी इस मामले में बड़ी कार्यवाही कर पाती हैं।

Edited By Jagran

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