This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

रोजा रखने के लिए बच्चों में भी होड़

जाटी साहिबगंज रमजान का पवित्र माह शुरू हो चुका है। कहा जाता है कि रमजान के इस पाक

JagranMon, 19 Apr 2021 10:27 PM (IST)
रोजा रखने के लिए बच्चों में भी होड़

जाटी, साहिबगंज : रमजान का पवित्र माह शुरू हो चुका है। कहा जाता है कि रमजान के इस पाक महीने में रोजा रखने व कुरान पढ़ने से अल्ला-ताला से मांगी गई दुआ कबूल होती है। इसलिए बच्चे भी बढ़ चढ़ कर रोजा रख रहे हैं। शहर के कुलीपाड़ा मुहल्ला के शेख सज्जाद की नौ वर्षीया पुत्री आलिया परवीन ने सोमवार को पांचवां रोजा रखा। उसने बताया कि वह लगातार तीन साल से रोजा रखती आ रही है। इस बार देश में कोरोना की लहर काफी ज्यादा है। वह इस पाक रमजानुल मुबारक महीना में रोजा रखकर अल्ला से देश में बीमारी दूर करने व अमन की सलामती की दुआ मांग रही है।

बोरियो के दनवार गांव निवासी मो मुख्तार आलम का आठ वर्षीय पुत्र अयान फैसल भी रोजा रख रहा है। अयान फैसल ने बताया कि कोरोना महामारी से निजात पाने के लिए अल्ला ताला से दुआ कर रहा हूं। उमस भरी गर्मी में 14 घंटे का लंबा रोजा रखने में बड़े लोग हिम्मत नहीं जुटा पाते लेकिन अयान पूरे उत्साह के साथ रोजा रख रहा है।

उधर, राजमहल थाना में कार्यरत एएसआइ मंसूर अंसारी का सात वर्षीय पोता शाहिद चांद भी लगातार रोजा रख रहा है। वह प्रत्येक नमाज के दौरान अल्लाह से पूरे मुल्क की सलामती की दुआ मांग रहा है। वह कहता है कि दादा को देखकर उसे भी रोजा रखने की इच्छा हुई। वह पूरी शिद्दत के साथ रोजा रख रहा है तथा अपनी प्रत्येक दुआ में अल्लाह से दुनिया की सलामती के लिए कोरोना का खात्मा मांगता है।

कोटालपोखर थाना क्षेत्र के बड़ा सोनाकड़ गांव के मो. इकबाल अंसारी का छह वर्षीय पुत्र मो. नफिस अंसारी भी इस बार रोजा रख रहा है। नफिस ने बताया कि मैंने रोजा रखकर अल्लाह ताला से लोगों को कोरोना से जल्द से जल्द मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की है। इसके साथ ही देश में भाईचारा और शांति व्यवस्था कायम रखने की भी प्राथर्ना की है।

साहेबगंज में कोरोना वायरस से जुडी सभी खबरे

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!