अब आदर्श विद्यालय के छात्रों को स्मार्ट बनाएंगे शिक्षक, लैंग्वेज लैब में सीख रहे अंग्रेजी

Ranchi News स्कूल का संचालन करने वाले प्रधानाध्यापकों की क्षमता और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए उन्हें प्रशिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए प्रखंड स्तर पर 325 प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण के लिए निबंधित किया था

Madhukar KumarPublish: Fri, 21 Jan 2022 08:11 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 08:11 PM (IST)
अब आदर्श विद्यालय के छात्रों को स्मार्ट बनाएंगे शिक्षक, लैंग्वेज लैब में सीख रहे अंग्रेजी

रांची, राज्य ब्यूरो। शिक्षा के स्तर में सुधार लाने की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की परिकल्पना जल्द मूर्त रूप लेगी। अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा गरीब, किसान, वंचित, पिछड़ों के बच्चों को भी प्राप्त हो, इसके लिए मुख्यमंत्री की पहल पर पंचायत स्तर पर माडल स्कूल का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। माडल स्कूल के निर्माण की मानीटरिंग सीएम खुद कर रह हैं। वर्तमान में करीब 80 माडल स्कूल का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों की क्षमता विकास पर फोकस

स्कूल का संचालन करने वाले प्रधानाध्यापकों की क्षमता और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए उन्हें प्रशिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए प्रखंड स्तर पर 325 प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण के लिए निबंधित किया था, जिसमें 176 का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। शेष का प्रशिक्षण 31 जनवरी 2022 तक पूर्ण हो जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 740 शिक्षकों ने भाग लिया है। 10 सप्ताह के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्कूलों में विषयवार पदस्थापित शिक्षकों की तकनीकी क्षमता के विकास एवं कक्षा संचालन प्रक्रिया, छात्र केंद्रित अध्यापन के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। एससीईआरटी एवं डाइट को पूर्ण रूप से शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए प्रभावी बनाया गया है। साथ ही, शिक्षकों के मूल्यांकन की सतत व्यवस्था, राज्य शिक्षक परिवर्तन दल के माध्यम से विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार, प्रेरणा शिविर, शिक्षकों का शैक्षिक परिदर्शन समेत अन्य उन्मुखी कार्यक्रमों के जरिए क्षमता विकास किया जा रहा है।

सीबीएसई से मान्यता प्राप्त होंगे स्कूल

राज्य के प्रस्तावित उत्कृष्ट विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्धता दिलाई जाएगी। इस तरह आदर्श विद्यालय योजना के तहत 80 स्कूलों को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। भविष्य में योजना का विस्तार करते हुए लगभग 15 लाख बच्चों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। आदर्श विद्यालय योजना को राज्य ने फ्लैगशिप योजना के रूप में लिया है, ताकि सरकारी विद्यालयों को समानता और गुणवत्ता के स्तर पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप बनाया जा सके।

पढऩे की क्षमता के साथ अंग्रेजी पर भी जोर

माडल स्कूलों में पढऩे वाले सभी छात्र-छात्राएं पाठ्य पुस्तक पढ़ सकने की क्षमता प्राप्त कर सकें, इसके लिए 'आओ पढ़े, खूब पढ़े पठन अभियान शुरू करने की योजना पर सरकार कार्य कर रही है। पठन सामग्री के रूप में पाठ्य पुस्तकें, कहानियां, आलेख एवं शब्दों को पढऩे का अभ्यास कराया जाएगा। साथ ही बच्चों में अंग्रेजी बोलने की क्षमता विकसित करने के लिए इस क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं और एनसीआरटी, एनईआइपी का सहयोग लिया जाएगा। स्कूलों में लैंग्वेज लैब की स्थापना के साथ स्पोकेन इंग्लिश कोर्स तैयार कर विद्यालयों में संचालित किया जाएगा।

Edited By Madhukar Kumar

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