4079 करोड़ से झारखंड में बदलेगी रेलवे की सूरत, रांची-टाटानगर में बनेंगी नई रेल लाइनें; हाईटेक होंगे स्‍टेशन

Jharkhand Railways Project रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से हाईटेक बनाए जाएंगे। रांची रेल मंडल में यात्री सुविधाओं पर 43 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रांची रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने की योजना तैयार हुई है।

Sujeet Kumar SumanPublish: Thu, 04 Feb 2021 01:01 PM (IST)Updated: Thu, 04 Feb 2021 01:29 PM (IST)
4079 करोड़ से झारखंड में बदलेगी रेलवे की सूरत, रांची-टाटानगर में बनेंगी नई रेल लाइनें; हाईटेक होंगे स्‍टेशन

रांची, जासं। High Tech Indian Railways in Jharkhand इस बार आम बजट में केंद्र सरकार ने झारखंड का खास ख्याल रखा है। इस साल बजट में केंद्र सरकार ने झारखंड में रेलवे की शक्ल-सूरत बेहतर बनाने के लिए पिछले साल की तुलना में 858 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। साल 2021-22 के लिए झारखंड को आधारभूत संरचना ओवरब्रिज आदि के निर्माण के लिए रेलवे ने 4079 करोड़ रुपये मिले हैं। इस रकम से प्रदेश के रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। रांची रेल मंडल के स्टेशनों को हाईटेक बनाने के लिए 43 करोड़ रुपये खर्च करने का एलान बजट में किया गया है।

रांची रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने की योजना तैयार हुई है। इसके अलावा, रेल अस्पताल को आधुनिक बनाया जाएगा। रेलवे ने साल 2020-21 में झारखंड को 3221 करोड़ रुपये दिए थे। अब झारखंड को 2089 करोड़ रुपये सालाना आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए मिलेंगे। पहले 2009 से 2014 तक 457 करोड़ रुपये प्रति वर्ष दिए जाते थे। इसे रेलवे ने बढ़ा दिया है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि झारखंड को आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए 2019-20 में 2493 करोड़ रुपये मिले थे। 2020-21 में झारखंड को 3221 करोड़ रुपये मिले थे।

झारखंड में चल रही यह योजनाएं

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि झारखंड में 43957 करोड़ रुपये की लागत से 36 नई रेल लाइन बिछाने का काम पहले से चल रहा है। यह रेल लाइन 2906 किलोमीटर लंबी बिछाई जा रही है। 26078 करोड़ रुपये की लागत से 1462 किलोमीटर लंबी 14 नई लाइन भी तैयार होगी। 1455 करोड़ रुपये की लागत से 159 किलोमीटर लंबी गेज तब्दील करने का काम भी चल रहा है। 21 रेल लाइन के डबलिंग करने के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसके तहत 1285 किलोमीटर लंबी लाइन को 16424 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है।

जोन में 389.99 करोड़ रुपये से बनेंगे ओवरब्रिज

दक्षिण पूर्व रेलवे को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले दक्षिण पूर्वी जोन को इस रेल बजट में रेलवे की आधारभूत संरचना को मजबूत करने और आधुनिक बनाने के लिए 6120 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। रेल बजट में यात्री सुविधा बढ़ाने के लिए 173 करोड़ 33 लाख रुपये दिए गए हैं। चालू वित्तीय साल में इस रकम से जोन के रेलवे स्टेशनों पर और ट्रेनों में यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी की जाएगी। इसके अलावा लाइन पर इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए 84 करोड़ 91 लाख रुपये दिए गए हैं।

कर्मचारियों के वेलफेयर के लिए 46 करोड़ छह लाख रुपये दिए गए हैं। रेल लाइन को डबल बनाने के लिए 385.03 करोड रुपये का फंड दिया गया है। ब्रिज निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये जोन को मिले हैं। ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज के लिए 389 करोड 99 लाख रुपये दिए गए हैं। सिग्नल और टेलिकॉम विभाग के लिए 145 करोड़ 65 लाख रुपये मिले हैं। लेवल क्रॉसिंग को ठीक करने के लिए 68 करोड़ 62 लाख रुपये दिए गए हैं।

बंडामुंडा रांची की 158.5 किलोमीटर लंबी रेल लाइन को 320 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही टाटानगर बादाम पहाड़ के बीच 89 किमी लंबी लाइन को 28 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से पूरा किए जाने की योजना है। खड़गपुर से 132 किलोमीटर लंबी थर्ड लाइन 225 करोड़ रुपये में बिछेगी। साथ ही खड़गपुर नारायणगढ़ के बीच थर्ड लाइन और दानकुनी व चंदनपुर के बीच 25 किलोमीटर फोर्थ लाइन बिछाई जाएगी।

एचईसी रेलवे ओवरब्रिज की तैयार है डिजाइन

एचईसी रेलवे ओवरब्रिज की डिजाइन पहले से तैयार है। दो साल पहले ही इस रेलवे ओवरब्रिज को रेलवे ने मंजूरी दी थी। बाद में स्मार्ट सिटी की घोषणा के बाद राज्य सरकार के बैकफुट पर आने की वजह से इस ओवरब्रिज का निर्माण अटका हुआ है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट सिटी काॅरपोरेशन भी इस जगह एक फ्लाइओवर बना सकता है। इसीलिए रेलवे अभी इस प्रोजेक्ट पर आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

चुटिया रेलवे ओवरब्रिज को मिल जाएगी मंजूरी

केतारी बागान रेलवे ओवरब्रिज को पिछले साल बजट में मंजूरी मिल गई थी। अभी चुटिया रेलवे ओवरब्रिज को मंजूरी नहीं मिली थी। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि इस बजट में इस रेलवे ओवरब्रिज को मंजूरी मिल जाएगी।

Edited By Sujeet Kumar Suman

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