दारोगा लालजी यादव ने क्‍यों की खुदकुशी, सीबीआइ जांच कराने के ल‍िए झारखंड हाईकोर्ट में पीआइएल दाखिल

Ranchi News लालजी यादव की मृत्यु के बाद हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिट दाखिल करने वाले लालजी यादव के भाई और पलामू एसपी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने पर उनके स्वजनों को धमकी दी जा रही है। केस को वापस लेने के लिए इन पर दबाव बनाया जा रहा है।

Madhukar KumarPublish: Fri, 21 Jan 2022 08:35 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 08:35 PM (IST)
दारोगा लालजी यादव ने क्‍यों की खुदकुशी, सीबीआइ जांच कराने के ल‍िए झारखंड हाईकोर्ट में पीआइएल दाखिल

रांची, राज्य ब्यूरो। पलामू के नावाबाजार के दारोगा लालजी यादव की मौत की सीबीआइ जांच कराने की मांग को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। प्रार्थी अनुरंजन अशोक ने याचिका दाखिल कर लालजी यादव की मौत को संदेहास्पद बताया है। इस याचिका में राज्य सरकार के मंत्री मिथिलेश ठाकुर, उनके भाई वीनू ठाकुर, पलामू एसपी, डीटीओ और एसडीपीओ को भी प्रतिवादी बनाते हुए इनकी संपत्ति की जांच का आग्रह भी किया गया है। इस मामले में अधिवक्ता राजीव कुमार ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है।

दारोगा लालजी यादव प्रकरण की जांच सीबीआइ से कराने को लेकर पीआइएल दाखिल

याचिका में कहा गया है कि लालजी यादव की मृत्यु के बाद हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिट दाखिल करने वाले लालजी यादव के भाई और पलामू एसपी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने पर उनके स्वजनों को धमकी दी जा रही है। केस को वापस लेने के लिए इन पर दबाव बनाया जा रहा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि इस पूरी घटना के पीछे कोयला और खनिज की लूट का विरोध करना प्रमुख कारण है। बता दें कि इससे पहले इस मामले की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर लालजी यादव के भाई संजीव यादव ने भी हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि इस मामले में शामिल लोग सत्ता से जुड़े हैं। ऐसे में पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच की संभावना कम है, इसलिए इसकी जांच सीबीआइ से कराई जाए।

Edited By Madhukar Kumar

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