झारखंड सरकार रांची सदर अस्पताल को बनाना चाहती थी सुपर स्पेशलिटी हास्पीटल, अभी है ये हाल..

Jharkhand Health News रांची सदर अस्पताल को 500 बेड के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में बदलने की सरकार की योजना थी। इस योजना के तहत भवन का निर्माण का कार्य कर लिया गया है लेकिन अस्पताल को आपरेशनल नहीं किया गया।

Sanjay KumarPublish: Sat, 22 Jan 2022 01:01 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 01:02 PM (IST)
झारखंड सरकार रांची सदर अस्पताल को बनाना चाहती थी सुपर स्पेशलिटी हास्पीटल, अभी है ये हाल..

रांची, (राज्य ब्यूरो)। Jharkhand Health News : झारखंड हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस डा. रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में रांची सदर अस्पताल के निर्माण कार्य पूरा नहीं करने के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि संवेदक बार-बार काम पूरा करने की अवधि को बढ़ा रहा है। अगर 15 फरवरी तक पूरा नहीं हुआ तो संवेदक के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाएगी।

अदालत ने 15 फरवरी तक काम पूरा करने का दिया निर्देश

इस दौरान सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि अभी तक 95 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। संवेदक की ओर से कहा गया कि 15 दिनों में सिविल कार्य को छोड़ सभी पूरे कर लिए जाएंगे। कोरोना के चलते कुछ उपकरणों को चालू करने के लिए विशेषज्ञों को यहां लाने में दिक्कत हो रही है। फिलहाल अभी तक आडिटोरियम नहीं बना है। इस पर अदालत ने 15 फरवरी तक काम पूरा करने का निर्देश दिया।

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में बदलने की सरकार की थी योजना

इस संबंध में ज्योति कुमार की ओर से हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि रांची सदर अस्पताल को 500 बेड के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में बदलने की सरकार की योजना थी। इस योजना के तहत भवन का निर्माण का कार्य कर लिया गया है, लेकिन अस्पताल को आपरेशनल नहीं किया गया।

अवमानना वाद याचिका की गई है दाखिल

हाई कोर्ट के कई आदेश के बाद झारखंड सरकार की ओर से अंडरटेकिंग देकर कहा गया था कि अस्पताल को आपरेशनल बना दिया जाएगा। सरकार के जवाब पर हाई कोर्ट ने याचिका निष्पादित कर दिया था, लेकिन समय सीमा के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं होने के बाद अवमानना वाद याचिका दाखिल की गई है।

Edited By Sanjay Kumar

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