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गलत मैसेज के कारण एक घटे विलंब से खुली जनशताब्दी

राची राची रेल मंडल में मंगलवार को अजीबोगरीब वाकया हुआ। दरअसल जिस ट्रेन को 3.25 में खुलना था वह 4.25 में खुली।

By JagranEdited By: Published: Wed, 03 Jun 2020 01:52 AM (IST)Updated: Wed, 03 Jun 2020 01:52 AM (IST)
गलत मैसेज के कारण एक घटे विलंब से खुली जनशताब्दी
गलत मैसेज के कारण एक घटे विलंब से खुली जनशताब्दी

जागरण संवाददाता राची : राची रेल मंडल में मंगलवार को अजीबोगरीब वाकया हुआ। दरअसल, जिस ट्रेन को 3:25 पर राची रेलवे स्टेशन से खुलनी थी, वही ट्रेन रेलवे द्वारा गलत मैसेज जारी होने से एक घटे विलंब से खुली। राची रेलवे स्टेशन से राची जन शताब्दी ट्रेन को 3:25 बजे पर पटना के लिए रवाना होना था । लेकिन यात्रियों के बीच दोपहर 12:00 बजे रेलवे द्वारा एक एसएमएस जारी किया गया जिसमें ट्रेन के प्रस्थान का समय 3:25 के बदले 4.25 रवाना होने की जानकारी दी गई। रेलवे इस गलती को सुधारने के लिए ट्रेन को 3:25 बजे रवाना न करके 4:25 पर रवाना करने का निर्णय लेता है। ट्रेन भले ही राची रेलवे स्टेशन से 1 घटे विलंब से रवाना हुई। लेकिन रेलवे के पदाधिकारियों के बीच एक सवाल जरूर खड़ा हो गया कि आखिर गलती किस स्तर पर हुई। आखिर ट्रेन रवानगी का समय यात्रियों के फोन पर एसएमएस के माध्यम से कैसे गया। जबकि 11:33 बजे यात्रियों के फोन पर पहला एसएमएस गया था। इस एसएमएस पर ट्रेन रवानगी की जानकारी 3:25 बजे ही दी गई थी। तो आधे घटे बाद यानी ठीक 12:00 बजे एक और एसएमएस यात्री के मोबाइल पर कैसे चला जाता है, जिसमें ट्रेन के रवानगी का समय 1 घटा और बढ़ा दिया जाता है। रेलवे की गलती और लापरवाही के कारण यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कई यात्रियों को एसएमएस तो मिल गया, लेकिन कुछ ऐसे भी यात्री थे जिन्हें दोबारा एसएमएस नहीं नहीं मिला।

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यही वजह है जब तक एसएमएस यात्रियों को मिलता। तब तक यात्री स्टेशन पहुंचने लगे थे और डेढ़ बजने तकसभी यात्री स्टेशन पहुंच गए थे। इस पर यात्रियों ने नाराजगी भी जताई।

हालाकि रेलवे इस पूरे मामले को दबाने में जुटा रहा। सीपीआरओ नीरज कुमार कहना था कि तकनीकी कारणों के कारण ट्रेन को एक घटा विलंब से रवाना किया गया। उनका यह भी कहना था यात्रियों को परेशानी ना हो इसलिए रेलवे द्वारा पहले से ही एसएमएस कर इसकी सूचना भी दे दी गई थी। रेलवे को इन सवालों का भी देना होगा जवाब :

भले ही रेलवे के पदाधिकारी इस गलती को दबाने में जुटे हैं ,लेकिन इस दौरान उठे कई सवालों का भी जवाब देना होगा। -राची रेलवे स्टेशन पर ट्रेन खुलने के एक घटा पहले सीपीआरओ नीरज कुमार और आरपीएफ के असिस्टेंट कमाडेंट एके पाडेय स्वयं पहुंचे। यही नहीं उनके साथ अन्य पदाधिकारी भी पहुंचेखुद स्टॉप इतनी सक्रियता इतने अधिकारियों के साथ एक साथ नहीं दिखी थी। ट्रेन पटना से राची समय पर पहुंच गई थी । ट्रेन कोई यार्ड में नहीं गई थी । बल्कि प्लेटफार्म पर ही ट्रेन लगी हुई थी । यहा तक कि एक घटा पहले ट्रेन पर बैठना शुरु कर दिए थे। - ट्रेन अपने निर्धारित समय 3:25 पर खुलने को लेकर समय पर ट्रेन में कार्यरत रेल कíमयों ने अपना योगदान दिया था। यहा तक की लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट भी पहुंच गए थे। - यही नहीं रेलवे मुख्यालय में पूरे दिन इसी त्रुटि को खोजने में पदाधिकारी और कर्मी लगे रहे। क्योंकि इस तरह की गलती दोबारा भी हो सकती है। - जब तकनीकी गड़बड़ी ही थी तो रेलवे ने दोपहर 12 बजे कैसे एसएमएस जारी कर दिया। जबकि उस दौरान पटना से जन शताब्दी ट्रेन राची रेलवे स्टेशन भी पहुंची ही नहीं थी। - ट्रेन के ड्राइवर से जब 3:15 पर पूछा गया तो उसने ट्रेन में गड़बड़ी की कोई बात नहीं बताई। तकनीकी कारण से ट्रेन खुलने का समय शाम 4:25 मिनट पर ट किया गया। इसकी जानकारी एसएमएस के माध्यम से यात्रियों को पहले ही दे दी गई थी ।

नीरज कुमार

सीपीआरओ राची रेल मंडल


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