पोर्टलैंड सीमेंट के विकल्प के रूप में जियोपॉलिमर का बढ़े उपयोग

पोर्टलैंड सीमेंट के विकल्प के रूप में जियोपॉलिमर के उपयोग को बढ़ावा मिलना चाहिए।

JagranPublish: Sat, 27 Nov 2021 06:30 AM (IST)Updated: Sat, 27 Nov 2021 06:30 AM (IST)
पोर्टलैंड सीमेंट के विकल्प के रूप में जियोपॉलिमर का बढ़े उपयोग

जासं, रांची : पोर्टलैंड सीमेंट के विकल्प के रूप में जियोपॉलिमर के उपयोग को बढ़ावा मिलना चाहिए। ये बातें सीबीआरआइ रूड़की के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डा. संजीव कुमार सिंह ने कही। वे झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित वेबिनार में बोल रहे थे। वेबिनार को परिवहन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और पर्यावरण विज्ञान विभाग की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। वक्ताओं ने एकीकृत शहरी योजना-2021 में परिवहन, पर्यावरण और ऊर्जा की भूमिका पर अपनी बात रखी।

डॉ संजीव कुमार सिंह ने फुटपाथ निर्माण के लिए सतत सामग्री अवसर और चुनौतियां के बारे में बताया। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन में सीमेंट निर्माण उद्योगों की भूमिका की व्याख्या की और पोर्टलैंड सीमेंट्स के विकल्प के रूप में जियोपॉलिमर के उपयोग की भी सिफारिश की।

अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार के पहले दिन तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। । दूसरे सत्र के शहरीकरण और बढ़ते परिवहन का संचालन डॉ भास्कर सिंह, सहायक प्रो., डीईवीएस, सीयूजे द्वारा किया गया। अध्यक्षता प्रो अजय सिंह, डीडब्ल्यूईएम और हेड (आईसी), डीटीएसटी, सीयूजे, और सह अध्यक्ष डा सुचित कुमार पटेल, सहायक प्रोफेसर डीटीएसटी, सीयूजे ने की। प्रो अखिलेश कुमार मौर्य, सिविल इंजीनियरिग विभाग, आईआईटी गुवाहाटी ने यातायात की भीड़ की समस्याओं के साथ साथ यातायात दुर्घटनाओं पर चर्चा की। प्रो अजय कुमार सिंह, सिविल इंजीनियरिग विभाग, एमएनएनआईटी, इलाहाबाद ने सड़क दुर्घटनाओं की समस्याओं और विभिन्न उपकरणों और प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर जानकारी दी गई।

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ऊर्जा कुशल शहरों की योजना पर पहले दिन के अंतिम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता प्रो सुनील नौटियाल, आईएसईसी बेंगलुरु और सह अध्यक्षता डॉ विनोद कुमार त्रिपाठी, सहायक प्रोफेसर डीएफई, कृषि विज्ञान संस्थान, बीएचयू, वाराणसी ने की। उन्होंने बढ़ती आर्थिक गतिविधि, सतत परिवहन और कुशल शहरी भूमि उपयोग के साथ प्रति व्यक्ति उत्सर्जन में वृद्धि के बारे में बात की। समापन भाषण अध्यक्ष प्रो अजय सिंह, प्रमुख (स्वतंत्र प्रभार), डीटीएसटी, सीयूजे द्वारा दिया गया और औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन डा कुलदीप बौद्ध, डीईवीएस द्वारा दिया गया। जिसमें उन्होंने विभिन्न भागों के सभी विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया। इस वेबिनार में भाग लेने के लिए देश और विदेश से लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया और 9 मुख्य वक्ताओं ने विचार विमर्श किया। सस्टेनेबल ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन..पर पहले तकनीकी सत्र की अध्यक्षता प्रो अजय सिंह, जल इंजीनियरिग और प्रबंधन विभाग और प्रमुख (आईसी), परिवहन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, सीयूजे ने की। जबकि सह अध्यक्षता डॉ गजेंद्र प्रसाद सिंह, प्रमुख, नैनोसाइंस और प्रौद्योगिकी विभाग, सीयूजे ने की।

Edited By Jagran

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