अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को सहयोग नहीं कर रहे बैंक, हेमंत सोरेन बना रहे न‍िपटने की रणनीत‍ि

Jharkhand Budget झारखंड में बजट बनाने की कवायद तेज हो गई है। फरवरी में झारखंड सरकार अपना बजट पेश करेगी। मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन इसमें कई नई पहल कर सकते हैं। वह अभी से सुझावों को आमंत्र‍ित करने लगे हैं।

M EkhlaquePublish: Thu, 27 Jan 2022 09:13 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 09:13 PM (IST)
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को सहयोग नहीं कर रहे बैंक, हेमंत सोरेन बना रहे न‍िपटने की रणनीत‍ि

रांची, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हर क्षेत्र से आए सुझावों को आगामी वित्तीय वर्ष में शामिल करने को कहा है। वे गुरुवार को वित्त विभाग द्वारा हमर अपन बजट पर आयोजित बजट गोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि तमाम परामर्शों को बजट में समाहित करने की तैयारी है। प्राकृतिक संसाधन में राज्य अव्वल है, लेकिन आर्थिक संसाधनों में कमजोर है। विपरीत परिस्थितियों में संभ्रांत राज्य को प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन जो कमजोर हैं, वे इससे अछूते नहीं रह पाते। इस महामारी में गरीब ही प्रभावित हुआ है। संक्रमण काल से झारखंड को भी गुजरना पड़ा। यही वजह है कि वर्तमान परिस्थिति में लोगों के नजरिए और विचारों को जानने का प्रयास किया गया ताकि राज्य को बेहतर दिशा दिया जा सके।

यहां बैंक सहयोग नहीं कर रहे यह चुनौतीपूर्ण

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड आदिवासी बहुल क्षेत्र है। हर क्षेत्र की मुश्किलों से राज्य को बाहर निकालने की आवश्यकता है। 40 प्रतिशत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों को यहां के बैंक सहयोग नहीं करता है। यह चुनौतीपूर्ण है। सरकार इसपर चिंतन मंथन कर रही है। ऑनलाइन और कैशलेस के चलन में राज्य के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों का क्या होगा। ऐसे में विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं अन्य से सभी के कल्याण हेतु योजना बनाने के लिए सुझावों को जानने का प्रयास किया है। ये सभी सुझाव सरकार के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। इन सुझावों को लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

बजट के लिए मिले परामर्श से होता मार्गदर्शन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि शिक्षा की और बेहतरी के लिए सुझाव आए हैं। उसपर सरकार गंभीरता से कार्य करेगी। पहली बार झारखंड के आदिवासी बच्चों को विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए पहले ही वर्ष में सात बच्चों को विदेश भेजने में कामयाब रहे। उन्हें शत प्रतिशत स्कॉलरशिप दी जा रही है। मॉडल स्कूल का निर्माण हो रहा है। राज्य में ट्राइबल यूनिवर्सिटी प्रारंभ करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे बच्चे अपनी भाषा और संस्कृति के साथ आगे बढ़ सकें।

पर्यटन को लेकर आए कई सुझाव, इसमें संभावनाएं

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पर्यटन को लेकर कई सुझाव आए हैं। पर्यटन के क्षेत्र में यहां बड़ी संभावनाएं हैं। यहां अनछुए जगह है। सरकार ने खनिज संपदा से हटकर कार्य करना शुरू किया है। यहां कई व्यवस्थाएं ऐसी है जो केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से होता है। इसमें कई रुकावटें आती हैं, लेकिन बजट के लिए मिले सलाह को सरकार मार्गदर्शक के रूप में देख रही है।

इस मौके पर ये भी थे मौजूद

इस मौके पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, वित्त विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे एवं विभिन्न विभागों के सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कृषि के क्षेत्र में हमें अधिक खर्च करना चाहिए : रामेश्वर उरांव

वित्त मंत्री डा. रामेश्वर उरांव ने कहा कि पहले टुकड़े-टुकड़े में सलाह लिए जाते थे। लेकिन बजट 2022-23 के लिए विशेषज्ञों से लेकर आम लोगों से सुझाव लिया गया है। बजट किसी सरकार की संस्था वार्षिक लेखा जोखा रखती है। इसमें सरकार के विचार शामिल होते हैं। सरकार गरीबों और गांव की है। यहां कई लोगों के शॉर्ट और लांग टर्म के सुझाव हमारे समक्ष हैं। उन सभी को समाहित करने का प्रयास किया जाएगा। यह सामान्य समय नहीं हैं। संक्रमण के अनुरूप ही बजट तैयार किया जा रहा है। सरकार ने संक्रमण काल में जीवन और जीविका के लिए कार्य किये हैं। बजट में राजस्व और खर्च को लेकर प्राथमिकता तय होती है।

भारत सरकार के पास बकाया है 65 करोड़ रुपये

वित्त मंत्री डा. रामेश्वर उरांव ने कहा कि झारखंड को प्राप्त होने वाले राजस्व को लेकर भारत सरकार जिम्मेदार है। यह खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है। आंकड़ों पर गौर करें तो 53 हजार एकड़ भूमि कोल मंत्रालय को दिया गया, जबकि इसकी क्षति पूर्ति नहीं मिली। 65 हजार करोड़ से अधिक की राशि भारत सरकार के पास बकाया है।

कृषि के क्षेत्र में हमें अधिक खर्च करना चाहिए

वित्त मंत्री डा. रामेश्वर उरांव ने कहा कि अब खर्च की बात करें तो कृषि के क्षेत्र में हमें अधिक खर्च करना चाहिए। यह जीवन और जीविका के लिए जरूरी है। इस क्षेत्र में ध्यान देने की आवश्यकता है। बजट में सरकार गांव और शहर की जरूरतों को देखते हुए बजट का निर्माण करेगी। बजट को लेकर आये सुझाव सरकार की उम्मीदों के अनुरूप हैं।

इन्होंने दिए अपने सुझाव

कृषि और सिंचाई के क्षेत्र के लिए प्रदान रांची के प्रेम शंकर, सीजेएम नाबार्ड जीके नायर, आईआईपीए के पूर्व चेयरमैन प्रो अशोक विशनदास, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में रानी चिल्ड्रेन अस्पताल के डा. राजेश कुमार, एक्सआईएसएस रांची के डा. अनंत, सीनियर कंसलटेंट, वर्ल्ड बैंक के प्रो. रतन चांद, एनआईईपीए डा. मनीषा प्रियम, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, आधारभूत संरचना एवं पावर के क्षेत्र में आईआईएम रांची के प्रो अंजुम आनंद, जे-पाल साउथ एशिया अपर्णा कृष्णा, सीयूजे रांची के प्रो संजय समदर्शी समेत अन्य विशेषज्ञों ने बजट गोष्ठी 2022-23 के लिए अपने सुझावों को रखा।

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  • झारखंड का जीएसडीपी : राष्ट्रीय जीडीपी का 1.6 प्रतिशत
  • झारखंड की पर कैपिटा इनकम देश से 40 फीसद कम है
  • राज्य के अपने स्रोतों से टैक्स का अनुमान 23265 करोड़
  • 15046 करोड़ रुपये वेतन बांटने पर खर्च करेगी राज्य सरकार
  • बजट पूर्व संगोष्ठी में कुल 651 सुझाव आए, जिन्हें बजट में समाहित किया जाएगा।

Edited By M Ekhlaque

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