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6th JPSC News: छठी जेपीएससी मामले में महाधिवक्ता बोले- परिणाम में कोई गड़बड़ी नहीं, नौ को आयोग रखेगा पक्ष

6th JPSC News Jharkhand News छठी जेपीएससी के मामले में झारखंड हाई कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस मामले में प्रार्थी और राज्य सरकार की ओर से बहस पूरी कर ली गई है। अब जेपीएससी की ओर से इस मामले में पक्ष रखा जाएगा।

By Vikram GiriEdited By: Published: Mon, 08 Feb 2021 09:15 AM (IST)Updated: Mon, 08 Feb 2021 08:31 PM (IST)
6th JPSC News: छठी जेपीएससी मामले में झारखंड हाई कोर्ट में हुई सुनवाई। जागरण

रांची, राज्य ब्यूरो। 6th JPSC News, Jharkhand News छठी जेपीएससी के परीक्षा परिणाम को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत में सोमवार को भी सुनवाई जारी रही। सोमवार को प्रार्थी और राज्य सरकार की ओर से बहस पूरी कर ली गई है। मंगलवार को जेपीएससी की ओर से बहस की जाएगी। दिलीप कुमार सिंह व राहुल कुमार सहित 17 अन्य लोगों ने छठी जेपीएससी परीक्षा को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

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प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि जेपीएससी ने अंतिम परिणाम जारी करने में कई गड़बडिय़ां की हैं। पेपर वन (हिंदी व अंग्रेजी) में अभ्यर्थियों को सिर्फ क्वालिफाइंग मार्क्‍स लाना था और उसका अंक कुल प्राप्तांक में नहीं जोड़ा जाना था, लेकिन जेपीएससी ने इसे कुल प्राप्तांक में जोड़ दिया। इसके अलावा सभी पेपर में अलग-अलग निर्धारित न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य था, लेकिन जेपीएससी ने दोनों पेपर के अंक को जोड़कर मेरिट लिस्ट बनाई है।

इसके चलते ऐसे  अभ्यर्थियों का चयन हो गया है, जो एक पेपर निर्धारित न्यूनतम अंक भी नहीं लाए हैं। प्रार्थियों की ओर से कहा गया कि वे आरक्षित श्रेणी से आते हैं, लेकिन उनका चयन अनारक्षित श्रेणी में किया गया है, जिसके चलते  कैडर चुनने में प्राथमिकता नहीं मिली है। उन्हें आरक्षित श्रेणी में भेजते हुए प्राथमिकता के आधार पर कैडर चुनने का अवसर दिया जाए। इस दौरान सभी प्रार्थियों की ओर कहा गया कि इन गडबडिय़ों को देखते हुए छठी जेपीएससी के अंतिम परिणाम को रद कर देना चाहिए।

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि जेपीएससी की ओर से जारी अंतिम परिणाम बिल्कुल सही है। इसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। जहां तक आरक्षित श्रेणी में आने की बात है तो एक बार कैडर आवंटन के बाद उसमें बदलाव करने का कोई नियम नहीं है। वहीं, जेपीएससी के अधिवक्ता संजय पिपरवाल व प्रिंस कुमार सिंह की ओर से बहस शुरू की गई, लेकिन समयाभाव के चलते अदालत ने इसकी सुनवाई मंगलवार को निर्धारित की है।


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