ईंधन की कीमत बढ़ने के बाद व‍िमान का क‍िराया बढ़ेगा क्‍या ? एयरपोर्ट न‍िदेशक ने कही यह बात

Ranchi News हवाई यात्रियों के लिए टिकट के दाम बढ़ सकते हैं. क्योंकि जनवरी माह में दूसरी बार एटीएफ ( एविएशन टरबाइन फ्यूल)के दामों में बढ़ोतरी हुई है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। यही कारण है

Madhukar KumarPublish: Mon, 17 Jan 2022 04:39 PM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 04:39 PM (IST)
ईंधन की कीमत बढ़ने के बाद व‍िमान का क‍िराया बढ़ेगा क्‍या ? एयरपोर्ट न‍िदेशक ने कही यह बात

रांची, जागरण संवाददाता। भले ही विमान के ईंधन में 4.2 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मगर, इस बढ़ते दाम के बीच यात्रियों के लिए राहत भरी खबर यह है कि रांची एयरपोर्ट से विमान सेवा देने वाले विभिन्न विमानन कंपनियां टिकट के दर में कोई बढ़ोतरी नहीं कर रहे हैं। एयरपोर्ट के निदेशक विनोद शर्मा ने बताया कि ईंधन में बढ़ोतरी होने से किसी भी तरह के किराया में बढ़ोतरी नहीं हो रहा है। न ही विमानन कंपनी द्वारा सूचना दी गयी है।

क्योंकि जनवरी के महीने में दूसरी बार एटीएफ के दामों में बढ़ोतरी हुई है। विमान ईंधन 4.2 फीसदी महंगा हो गया है।

दिसंबर में दो बार हुई थी कटौती

हवाई यात्रियों के लिए टिकट के दाम बढ़ सकते हैं. क्योंकि जनवरी माह में दूसरी बार एटीएफ ( एविएशन टरबाइन फ्यूल)के दामों में बढ़ोतरी हुई है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। यही कारण है कि महीने में दूसरी बार एटीएफ के दाम बढ़ा दिए हैं। इससे पहले दिसंबर के महीने में एटीएफ की कीमतों में दो बार कटौती की गई थी।

कोरोना के कारण विमानों की संख्या में कमी

वर्तमान में एयरपोर्ट से 31 विमान तक उड़ान भर रहे थे। मगर कोरोना के कारण इन विमानों की संख्या में कमी हुई है, अभी इनकी संख्या 16 हो गयी है। स्तिथि सामान्य होने पर विमानों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। एयरपोर्ट से इंडिगो, विस्तारा, गो फर्स्ट, एयर एशिया सहित अन्य विमानन कंपनियां अपनी सेवा दे रही हैं। ईंधन आईओएल और बीपीसीएल द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।

कैसे बनता है विमान ईंधन

कच्चे तेल को रिफाइन करते समय ही जेट फ्यूल और पेट्रोल को अलग-अलग किया जाता है. इन दोनों में बेसिक अंतर इनमें हाइड्रोकार्बन की मात्रा के आधार पर होता है. पेट्रोल ऐसा हाइड्रोकार्बन होता है जिसमें 7 से 11 कार्बन एटम होते हैं जबिक जेट फ्यूल में ऐसा हाइड्रोकार्बन होता है जिसमें 12 से 15 कार्बन एटम्स होते हैं. इसको और स्पष्ट रूप से कहें तो जेट फ्यूल काफी हद तक किरोसीन से बनता है.

Edited By Madhukar Kumar

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