23-24 फरवरी की हड़ताल देश में लाएगी नई क्रांति: सीटू

संवाद सूत्र भुरकुंडा (रामगढ़) एनसीओईए सीटू बरका-सयाल क्षेत्रीय कमेटी की बैठक बुधवार

JagranPublish: Wed, 19 Jan 2022 08:11 PM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 08:11 PM (IST)
23-24 फरवरी की हड़ताल देश में लाएगी नई क्रांति: सीटू

संवाद सूत्र, भुरकुंडा (रामगढ़) : एनसीओईए सीटू बरका-सयाल क्षेत्रीय कमेटी की बैठक बुधवार को क्षेत्रीय कार्यालय रिभर साईड भुरकुंडा में हुई। बैठक में 23-24 फरवरी को राष्ट्रव्यापी दो दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जोनल सचिव पीडी सिंह व बरका-सयाल क्षेत्रीय सचिव रामनरेश सिंह ने कहा कि 13 सूत्री मांगों को ले सीटू, एटक, इंटक व एचएमएस से संबद्ध तमाम यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल बुलाई गई है। कहा गया कि यह हड़ताल देश में नई क्रांति लायेगी। सफल हड़ताल केंद्र सरकार की चूल हिला देगी। निर्णय हुआ कि हड़ताल की नोटिस 7 फरवरी को सभी केंद्रीय श्रमिक संगठन के लेटर पैड पर बरका-सयाल महाप्रबंधक को भी सौंपा जायेगा। मौके पर बासुदेव साव, आरएन सिंह, असीम धर, गोपाल यादव, रविन्द्र विश्वकर्मा, सुशील कुमार सिंह, संजय कुमार, किरण कुमार, सत्यनारायण ठाकुर, शुकांतो यश आदि मौजूद थे।

इन मांगों को ले आहुत है हड़ताल

दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 13 सूत्री मांग शामिल है। इसमें जेबीसीसीआई-11 का अविलंब समझौता, 160 कोयला खदानों को निजीहाथों में देने की नीति पर रोक, लेबर कोड वापस लेने, सीटीओ लगाकर खदानों को बंद करने की नीति पर रोक लगाने, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत कोयला उद्योग में विस्थापितों को नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास, ठेका श्रमिकों को कोयला मजदूरों के बराबर वेतन व सुविधा देने, रक्षा सेवा अधिनियम समाप्त करने, पुरानी पेंशन योजना को फिर से चालू करने, संयुक्त किसान मोर्चा की बाकी छह सूत्री मांगों को परा करने, आयकर के दायरे में नहीं आने वाले परिवार को प्रतिमाह साढे़ सात हजार रूपया की सहायता देने, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को पुर्नजीवित करने के लिए पूंजीपतियों व अमीरों पर टैक्स लगाने आदि मांग शामिल हैं।

Edited By Jagran

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