टोरी रेलवे क्रासिग जाम में फंसने के कारण मरीज की गई जान

संवाद सूत्र चंदवा (लातेहार) बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड पर स्थित टोरी रेलवे क्रासिग जाम म

JagranPublish: Tue, 28 Dec 2021 06:57 PM (IST)Updated: Tue, 28 Dec 2021 06:57 PM (IST)
टोरी रेलवे क्रासिग जाम में फंसने के कारण मरीज की गई जान

संवाद सूत्र, चंदवा (लातेहार) : बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड पर स्थित टोरी रेलवे क्रासिग जाम में फंसने के कारण एक और मरीज की जान चली गई। जानकारी के अनुसार चकला सह कुजरी गांव में क्योर एंड केयर अस्पताल संचालक असीर खान की तबीयत 27 दिसंबर की रात्रि भोजन के बाद अचानक बिगड़ गई। सांस लेने में आ रही परेशानी के बीच उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदवा लाने का प्रयास किया गया। टोरी समपार फाटक के बंद होने के कारण लगभग आधा घंटा से अधिक समय तक फंसे रहे। जब क्रासिग गेट खुला तो लोग बीमार को लेकर चंदवा सीएचसी पहुंचे। जहां ड्यूटी में तैनात डा. रेणु तिर्की ने चेकअप के साथ ही उन्हें तत्काल इंजेक्शन लगवाया लेकिन हुई देर के बीच उनकी मौत हो गई। सामाजिक कार्यकर्ता सह माकपा नेता अयूब खान और स्वजनों ने कहा कि यदि बीमार असीर क्रासिग जाम में नहीं फंसते तो वो समय से अस्पताल पहुंच जाते और उन्हें आक्सीजन सपोर्ट मिल जाता तो शायद उनकी जान बच जाती। सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा है कि इस रेलमार्ग पर अनवरत एक्सप्रेस व गुड्स ट्रेनों का परिचालन होता रहता है। इसके कारण क्रासिग फाटक हमेशा बंद रहता है। मालगाड़ी ट्रेन के क्रासिग से गुजरने के बाद क्रासिग पाइप खोले जाने के बाद वहां मौजूद गाड़ियां क्रासिग से ठीक से पार भी नहीं कर पाती कि बंद करने का संकेत दिया जाने लगता है। कई बार तो सभी गाड़ियों के पार किए बिना ही पाइप बंद कर दिया जाता है। घंटों परिचालन बाधित रहता है। क्रासिग पाइप के अधिकांश समय तक बंद रहने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बिना मौत के ही मरीज रेल फाटक पर तड़प तड़प कर दम तोड़ रहे हैं। सबकुछ जानते हुए भी रेल प्रबंधन इसके लिए सार्थक पहल नहीं कर रहा। अंडरपास को पूरा करने में किसी तरह की कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा। बता दें कि 10 दिसंबर 2021 को भी सदाबर (नगर) निवासी रेल चालक मंटू लाल उरांव की मौत समपार फाटक में फंसने के कारण हो गई थी।

Edited By Jagran

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