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कोयला ढुलाई में रिकार्ड बना रहा कोडरमा-बरकाकाना रेलखंड

नई दिल्ली-हावड़ा रूट के ग्रैंडकार्ड सेक्शन सीआइसी स

JagranSun, 06 Dec 2020 07:05 PM (IST)
कोयला ढुलाई में रिकार्ड बना रहा कोडरमा-बरकाकाना रेलखंड

संवाद सहयोगी, झुमरीतिलैया (कोडरमा): नई दिल्ली-हावड़ा रूट के ग्रैंडकार्ड सेक्शन, सीआइसी सेक्शन के बाद 7 दिसंबर 2016 को कोडरमा-बरकाकाना लाइन से जुड़ा था। सोमवार को इसके पांच वर्ष पूरे होंगे। पांच वर्ष के कार्यकाल में इस खंड के अंतर्गत बानादाह एवं टोरी साइडिग से कोयला लदान में लंबी छलांग लगाई है। शुरुआत में प्रतिमाह 25 से 30 रैक कोयला देश के विभिन्न राज्यों के लिए भेजा जाता था, लेकिन केवल गत नवंबर माह में 125 रैक कोडरमा स्टेशन के रास्ते भेजा गया है। माल ढुलाई के साथ-साथ 2022 तक यह लाइन पर कोडरमा से रांची यात्री ट्रेन की शुरुआत की जाएगी। इधर, धनबाद रेल मंडल अंतर्गत ग्रैंडकार्ड सेक्सन का रविवार को 114 वर्ष पूरा हो गया है। छह दिसंबर 1906 को गया-धनबाद रेल खंड पर पहली बार वाष्प इंजन की ट्रेन चलाई गई थी। ग्रैंड कार्ड रेलवे के शुभारंभ का मुख्य समारोह 6 दिसंबर 1906 को गझंडी रेलवे स्टेशन पर हुआ था। तत्कालीन वायसराय अर्ल मिटो ने गझंडी में एक रेल ज्वाइंट में फिश-बोल्ट रखकर इसकी औपचारिक शुरुआत की थी। करीब 281 मील लंबी इस रेल लाइन के निर्माण में उस समय लागत 4.15 करोड़ आई थी। वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद इस रेलखंड का विस्तार तेजी से किया गया। आज यह देश को सर्वाधिक राजस्व देने वाला सेक्सन साबित हो रहा है, जिसमें सर्वाधिक कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत थे। 6 दिसंबर 1906 में तत्कालीन गवर्नर लार्ड मिटो द्वारा इस सेक्सन पर भाप इंजन की ट्रेन चलाई गई थी। इससे संबंधित जानकारियां भी गझंडी स्टेशन में लगे शिलापट्ट में है। दूसरा रेल खंड कोडरमा-गिरिडीह है जहां कोवार तक परिचालन जारी है और मधुपुर तक जुड़ गया है साथ ही इस लाइन का विद्युतीकरण भी किया जा चुका है। पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि कोडरमा मधुपुर रेलखंड पर हावड़ा से आसनसोल कोडरमा गया के रास्ते एक एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन भी जल्द शुरू हो जाएगा। इसके अलावे कोडरमा राजगीर रेल लाइन के विस्तार के बाद पटना का भी सीधा संपर्क होगा।

देश की लाइफ लाइन है जीसी खंड

धनबाद रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक आशीष बंसल ने बताया कि आज पूरे देश के लिए यह सेक्सन लाइफलाइन के रूप में जाना जाता है। इसे जीसी लाइन आक्सीजन की संज्ञा दी जाती है। धनबाद-गया रेलखंड (ग्रैंड-कार्ड सेक्शन) पर प्रतिदिन अप एवं डाउन लाइन पर लगभग 60-70 कोयला लोडेड मालगाड़ियों का परिचालन होता है जो देश के विभिन्न राज्यों में विद्युत उत्पादन के लिए बीसीसीएल से कोयला पहुंचाने की जरूरत को पूरा कर रहा है। डीआरएम ने बताया कि देश के तीन रेल मंडल प्रतिवर्ष आय को लेकर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहते हैं इसमें धनबाद, चक्रधरपुर व विलासपुर रेल मंडल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ग्रैंड-कार्ड सेक्शन पर 1969 में पहली बार हावड़ा से नई दिल्ली के लिए राजधानी एक्सप्रेस का परिचालन शुरू हुआ। अभी इस खंड पर चार राजधानी एक्सप्रेस चल रही है। इसके अलावा प्रतिदिन सियालदाह से नई दिल्ली तक दूरंतो ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोडरमा-बरकाकाना रेलखंड के कटकमसांडी व चरही में माल लोडिग का कार्य शुरू कर दिया गया है। कोडरमा रेलवे स्टेशन आने वाले दिनों में अंतिम हत्वपूर्ण स्टेशनों में शुमार होगा। आने वाले दिनों में धनबाद के प्रधानखांटा से कोडरमा, पहाड़पुर के रास्ते ट्रेनों का परिचालन 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाई जाएगी।

Edited By Jagran

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