मनरेगा के नए तालाब में दिखा पुराना मेढ, अधिकारी रहे हैरान

मनरेगा के नए तालाब में दिखा पुराना मेढ अधिकारी रहे हैरान

JagranPublish: Thu, 30 Jun 2022 04:02 AM (IST)Updated: Thu, 30 Jun 2022 04:02 AM (IST)
मनरेगा के नए तालाब में दिखा पुराना मेढ, अधिकारी रहे हैरान

मनरेगा के नए तालाब में दिखा पुराना मेढ, अधिकारी रहे हैरान

संवाद सहयोगी, मुरलीपहाड़ी (जामताड़ा) : नया तालाब में पुराना मेढ कहां से आया। जब वित्तीय वर्ष 2020-21 का मनरेगा से तालाब बना है तो सभी मेढ भी नए होना चाहिए। ऐसी गड़बड़ी बर्दाश्त लायक नहीं है। जिम्मेदार कर्मी के खिलाफ कार्रवाई होगी और इसके लिए तैयार रहें। यह बातें डीआरडीए निदेशक जावेद अनवर इदरीसी ने बुधवार को नारायणपुर प्रखंड के नारायणपुर पंचायत के इचलीझेर ग्राम में ग्रामीणों के बीच कही। दैनिक जागरण ने 26 जून के अंक में डैम को तालाब दिखा निकाली राशि शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद अधिकारी योजना का जांच करने पहुंचे। जांच के दौरान बीडीओ प्रभाकर मिर्धा के साथ पंचायत के कर्मी व ग्रामीण भी मौजूद थे। डायरेक्टर ने योजना स्थल का मुआयना किया। योजना के मेढ ,मिट्टी कटाई कर रखे स्थल तथा अन्य भाग को बारीकी से देखा। इस दौरान ग्रामीणों ने जो भी जानकारी अधिकारी को दी उसमें समानता नहीं थी। अलग-अलग ग्रामीण अलग-अलग बयान दे रहे थे। कभी कोई ग्रामीण इसे डीवीसी का बांध नहीं बता कर खेत बता रहा था। कोई पुराने मेढ को नया मेढ बता रहा था, लेकिन अधिकारी तमाम लोगों की उपस्थिति में कहा कि यदि यह मेढ नई है तो इसमें लगा पेड़ कब का है, तो किसी ग्रामीण ने कहा क‍ि यह दो साल पुराना है तो किसी ने कहा आठ 10 साल पुराना है। योजनास्थल के मेढ से साफ जाहिर हुआ कि यह निर्माण 10 से 15 वर्ष पूर्व ही पानी को रोकने के लिए किया गया था। यह किस विभाग की योजना थी यह जांच का विषय था। क्योंकि जांच करने पहुंची टीम के पास डीवीसी से बने बांध का पुख्ता जानकारी नहीं थी। निदेशक ने कहा यह निर्मित तालाब का बड़ा मेढ काफी पुराना है। क्योंकि इसका दूसरा मेढ में जो मिट्टी डाला गया है वह साफ-साफ नया दिख रहा है और पुराने मेढ में घास तथा कठोर मिट्टी है। हालांकि ग्रामीणों ने मामले की गड़बड़ी को दबाने का बहुत प्रयास किया। किसी ने कहा क‍ि यहां की मिट्टी गांव की ओर ट्रैक्टर से ले गए हैं तो किसी ने कहा कि जिस व्यक्ति ने तालाब का निर्माण किया है वह हार्ट का पेशेंट है। यदि किसी प्रकार की कार्रवाई हो जाएगी तो बहुत दिक्कत होगी। हालांकि निदेशक ने तमाम व्यक्तियों को इस मामले से दूर रहने का निर्देश दिया। कहा क‍ि ऐसी बातें कहकर योजना के जांच को प्रभावित नहीं कर सकते। सभी को जो भी कुछ जानकारी देना है पंचायत कर्मियों को लिखित बयान दें। उन्होंने पंचायत कर्मियों को ग्रामीणों का लिखित बयान लेकर कार्यालय पहुंचने का निर्देश दिया। उक्त गांव में वित्तीय वर्ष 2020 21 में मुर्तजा शेख के नाम से मनरेगा योजना से तालाब का निर्माण स्वीकृत हुआ था। इसमें कर्मियों ने बिचौलिए की मिलीभगत से डीवीसी के डैम में ही हल्का-फुल्का काम कर 2.81 लाख रुपये की निकासी कर लिया। जब मामला बिगड़ता देखा तो पंचायत कर्मियों ने इसे तुरंत क्लोज भी करा दिया। ज्ञात हो कि यह योजना 4.71 लाख की थी। मनरेगा योजना के इस गड़बड़ी को दबाने के लिए पंचायत के कर्मी से लेकर बिचौलिया बुधवार को काफी सक्रिय रहे। अधिकारियों के पहुंचने के पूर्व ही कर्मी तथा ग्रामीण योजना के आसपास जुट चुके थे। ग्रामीणों को अधिकारियों के बीच क्या कहना था इस बाबत लेख तैयार हो चुका था। हांलाकि पंचायत कर्मियों द्वारा सीखाए गए बात भी गांव के दर्जन भर से अधिक ग्रामीणों ने अधिकारियों के बीच तोते की तरह बोलना प्रारंभ कर दिया। अधिकारी भी सुनकर हैरान थे। मौके पर बीपीओ विद्युत मुर्मू, पंचायत सचिव सिद्धेश्वर खां, रोजगार सेवक नागेंद्र मुर्मू सहित कई लोग उपस्थित थे।

-- संबंधित कर्मी तथा बिचौलिया बना रहे दबाव : इचलीझेर ग्राम के रघुनाथ मुर्मू ने बताया डैम में बने नए तालाब के मामले में बयान देने से योजना से संबंधित लोग डांट फटकार रहे हैं। बयान बदलने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है जिससे मानसिक रूप से परेशान हूं। जान माल का नुकसान नहीं हो इसलिए मुझे अपने बयान को वापस लेना पड़ेगा।

-- क्या कहते हैं अधिकारी : डीआरडीए निदेशक जावेद अनवर इदरिशी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है, उचित कार्रवाई होगी।

Edited By Jagran

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