मानुषमुड़िया में करंट लगने से मजदूर की मौत, हंगामा

बहरागोड़ा प्रखंड के बरसोल थाना अंतर्गत मानुषमुड़िया गांव में शनिवार को बिजली करंट लगने से पोल्ट्री फार्म में काम कर रहे मजदूर की मौत हो गई।

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 06:05 AM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 06:05 AM (IST)
मानुषमुड़िया में करंट लगने से मजदूर की मौत, हंगामा

संसू, चाकुलिया/ बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के बरसोल थाना अंतर्गत मानुषमुड़िया गांव में शनिवार को बिजली करंट लगने से पोल्ट्री फार्म में काम कर रहे मजदूर की मौत हो गई। मृतक मिथुन नायक (32वर्ष) चाकुलिया थाना क्षेत्र के रुपुषकुंडी गांव का निवासी था। वह मानुषमुड़िया निवासी कांग्रेस पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष सनत भोल के धानघोरी स्थित पोल्ट्री फार्म में मजदूर के तौर पर काम करता था। शनिवार सुबह काम करने के दौरान वह पोल्ट्री फार्म के चारों तरफ लगी लोहे की जाली में दौड़ रहे करंट की चपेट में आ गया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मानुषमुड़िया के अलावा मृतक के गांव रूपुषकुंडी से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। नाराज लोगों ने पोल्ट्री फार्म को घेर लिया तथा संचालक सनत भोल को उसके अंदर बंद कर दिया। लोगों का आरोप था कि घटना के बाद पोल्ट्री फार्म संचालक भागने की कोशिश कर रहा था। मौके पर चाकुलिया दक्षिण के जिला पार्षद शिवचरण हांसदा, विधायक समीर महंती के भतीजा राकेश महंती, भाजपा नेता सरोज महापात्र व सांसद प्रतिनिधि पार्थो महतो भी पहुंच गए। मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासन हरकत में आया। एसडीपीओ कुलदीप टोप्पो, बहरागोड़ा सीओ जितराय मुर्मू, बरसोल थाना के पुलिस पदाधिकारी गोपाल कृष्ण दल बल के साथ पहुंचे। -----------------

पांच घंटे तक शव रखकर होता रहा हंगामा बिजली करंट लगने से हुई मजदूर की मौत को लेकर ग्रामीण इतने नाराज थे कि करीब 5 घंटे तक शव उठने नहीं दिया। लोग पोल्ट्री फार्म संचालक सनत भोल पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। एक खाली पड़े पोल्ट्री फार्म, जिसमें कोई मुर्गा मुर्गी नहीं था, उसमें चारों तरफ से बिजली करंट का नंगा तार लगाकर छोड़ देना समझ से परे था।दुखद बात यह है कि मृतक मिथुन नायक के पिता की मौत एक सड़क दुर्घटना में हो चुकी है। मां का भी देहांत हो चुका है। परिवार में पत्नी के अलावा एक 6 वर्षीय बेटी एवं 4 वर्षीय बेटा है, जिनके सिर से पिता का साया उठ चुका है। ---------------

सात लाख मुआवजा पर हुआ फैसला घटनास्थल पर मुआवजे को लेकर चली घंटों खींचातानी के बाद आखिरकार जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सात लाख रुपए मुआवजा देने पर सहमति बनी। ग्रामीणों की ओर से पहले 20 लाख रुपए की मांग की गई थी जबकि पोल्ट्री फार्म संचालक सनत भोल एक लाख देने की बात कर रहे थे। मुआवजा भुगतान की जो शर्त तय हुई उसके मुताबिक तत्काल एक लाख रुपया खाते में ट्रांसफर कराया गया। इसके बाद आगामी सोमवार को एक लाख, अगले 1 महीने के भीतर तीन लाख तथा शेष दो लाख रुपए 3 महीने के भीतर देने पर फैसला हुआ।

Edited By Jagran

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