Republic Day : टाटा स्टील अपनी उत्पादन क्षमता 20 एमटी को बढ़ाकर करेगी दोगुना

73वें गणतंत्र दिवस के मौके पर ध्वजारोहण के बाद टाटा स्टील के वर्क्स गेट पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करते सभी कर्मचारियों अधिकारियों और शहरवासियों को संबोधित करते हुए वाइस प्रेसिडेंट (सेफ्टी) संजीव पाॅल ने कहा कि टाटा अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी। इसे 20एमटी से बढ़ाकर दोगुना किया जाएगा।

Jitendra SinghPublish: Wed, 26 Jan 2022 12:57 PM (IST)Updated: Wed, 26 Jan 2022 12:57 PM (IST)
Republic Day : टाटा स्टील अपनी उत्पादन क्षमता 20 एमटी को बढ़ाकर करेगी दोगुना

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : देश में बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण स्टील की खपत भी बढ़ रही है ऐसे में टाटा स्टील इस दशक में अपनी उत्पादन क्षमता को 20 मिलियन टन (एमटी) से बढ़ाकर दोगुना करेगी। देश के 73वें गणतंत्र दिवस के मौके पर टाटा स्टील के वर्क्स गेट पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वजारोहण के बाद कंपनी के सभी कर्मचारियों, अधिकारियों और शहरवासियों को संबोधित करते हुए वाइस प्रेसिडेंट (सेफ्टी) संजीव पाॅल ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हम कार्बन उत्सर्जन को कम करने को भी प्रतिबद्ध हैं ताकि कार्बन उत्सर्जन को कम करने के भारत के संकल्प को हम पूरा कर सके। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हम सभी के लिए गर्व का क्षण है।। हमारे देश में कई ऐसे क्रांतिकारी लीडर हुए जिन्होंने न सिर्फ देश की आजादी के सपने को पूरा किया बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे पहले वाइस प्रेसिडेंट ने गणतंत्र दिवस परेड का निरीक्षण किया और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देने के बाद सभी को अपनी शुभकामनाएं भी दी। इस मौके पर टाटा स्टील के सिक्योरिटी, फायर बिग्रेड और डॉग स्क्वायड की टीम के जवान भी मास्क में दिखे। कोविड 19 के कारण कार्यक्रम में कंपनी के अधिकारी व टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी ही शामिल हुए।

संस्थापक ने रखी औद्योगिक क्रांति की नींव

संजीव पॉल ने कहा कि टाटा स्टील के संस्थापक जेएन टाटा ने देश में औद्योगिक क्रांति की नींव रखी। उन्होंने न केवल कंपनी स्थापित की ब्लकि सामाजिक दायित्व के क्षेत्र में अपनी महती जिम्मेदारी निभाई। टाटा स्टील दशकों से देश और समाज के विकास में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करता आ रहा है। कोविड 19 के दूसरे दौर में जब स्वास्थ्य उपकरण और ऑक्सीजन की कमी हुई तो देश के कुछ चुनिंदा कंपनियों में से एक टाटा स्टील भी आगे आई और कंपनी में प्रत्युक्त होने वाले आक्सीजन को लिक्विड मेडिकल आक्सीजन में तब्दील कर देश-विदेश के उन राज्यों तक पहुंचा कर लोगों की जान बचाई। इसके लिए टाटा स्टील ने क्रायोजन सिलेंडर को भी विदेश से आयात किया। उन्होंने दुख: प्रकट करते हुए कहा कि कोविड 19 के कारण अब तक टाटा स्टील परिवार ने 165 साथियों को खोया। कोविड 19 का थर्ड वेव अब भी प्रभावी है और हमें पूरी सतर्कता बरतनी होगी। लेकिन इस बार टाटा स्टील पूरी तरह से तैयार है। देश में भी 150 करोड़ वैक्सीन डोज पूरा होने के बाद स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। टाटा स्टील में भी 95 प्रतिशत स्थायी व ठेका कर्मचारियों का वैक्सीन पूरा हो चुका है।

चुनौतियों के बीच मिले कई अवार्ड

सेफ्टी विभाग के वाइस प्रेसिडेंट संजीव पॉल ने कहा कि कोविड 19 की चुनौती के बावजूद टाटा स्टील ने न सिर्फ सामाजिक दायित्व का निर्वहन किया बल्कि कंपनी बिजनेस को भी आगे बढ़ाती रही। टाटा बिजनेस एक्सिलेंस मॉडल (टीबीइएम) में हमने 750 से अधिक का स्कोर प्राप्त कर नया बेंचमार्क स्थापित किया। वहीं, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने जमशेदपुर प्लांट को मान्यता दी। इसके अलावा लगातार पांचवी बार टाटा स्टील ग्रेड प्लेस टू वर्क का खिताब भी अपने नाम किया। इतने सारे अवार्ड मिलने के बाद हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

चुनौतियां अब भी कायम

संजीव पॉल ने जोर देते हुए कहा कि नए कैलेंडर वर्ष में चुनौतियां अब भी कायम है। कंपनी का सतत विकास तभी संभव है जब हमारे सभी कर्मचारियों का स्वास्थ्य बेहतर हो। टाटा स्टील इसके लिए पहल कर रही है। वहीं, उन्होंने कहा कि टाटा स्टील के सीईओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन ने भी नववर्ष पर सभी कर्मचारियों को चार मूलमंत्र दिया है जिसमें एजिलिटी, एक्जीक्यूशन, एक्सिलेंस और लीडरशिप एट ऑल लेवल शामिल है। वहीं, उन्होंने अपने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने कठिन समय में भी टाटा स्टील के विकास में योगदान दिया। अंत में अपने संबोधन को उन्होंने जय हिंद कहकर समाप्त किया।

Edited By Jitendra Singh

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