This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

Ratan Tata को यह युवक देता है नए स्टार्टअप में निवेश करने के टिप्स, मात्र 28 साल है उम्र

रतन टाटा। विश्व भर के अरबपतियों में शुमार यह शख्स जल्द ही सुपर एप लांच करने जा रहे हैं। क्या आपको पता है बिग बास्केट 1 एमजी व क्योरफिट में हिस्सेदारी खरीदने वाले रतन टाटा को बिजनेस का टिप्स कौन देता है। पढ़िए और आप भी जान लीजिए....

Jitendra SinghSat, 12 Jun 2021 10:13 AM (IST)
Ratan Tata को यह युवक देता है नए स्टार्टअप में निवेश करने के टिप्स, मात्र 28 साल है उम्र

जमशेदपुर : टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा आजकल अपना निजी निवेश स्टार्टअप्स कंपनियों में कर रहे हैं। वे अब तक कई कंपनियों में निवेश कर चुके हैं, लेकिन यह बहुत कम लोगों को मालूम है कि यह निवेश किसके कहने पर करते हैं और इसके लिए वह किससे सुझाव लेते हैं। इस तरह के निवेश के लिए वह एक 28 वर्षीय युवक से सुझाव लेते हैं। इस युवक का नाम है शांतनु नायडु।

इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहता है शांतनु नायडु

शांतनु नायडु अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर हर रविवार को ऑन योर स्पार्क्स कार्यक्रम के साथ लाइव रहते हैं। यह एक तरह का वेबिनार है। इस तरह के वेबिनार के लिए यह युवक प्रति व्यक्ति 500 रुपया चार्ज करता है। शांतनु की स्टार्टअप कंपनी मोटोपॉज है जो कुत्तों के कॉलर का डिजाइन एवं निर्माण करती है। यह कॉलर अंधेरे में चमकता है और स्ट्रीट डॉग्स दुर्घटनाओं से बच जाते हैं।

टाटा ने मोटोपॉज में किया अघोषित निवेश

रतन टाटा ने शांतनु की कंपनी मोटोपॉज में अघोषित निवेश किया है। इस कारण इस कंपनी का कारोबार 20 शहर व चार देशों में फैल गया है। शांतनु ने अपने पिता के कहने पर रतन टाटा को पत्र लिखा। उसके बाद उसे टाटा के रतन से मिलने का मौका मिला। रतन टाटा ने मुलाकात के दौरान मुलाकात के दौरान स्ट्रीट डॉग्स प्रोजेक्ट की मदद के लिए पूछा, लेकिन उसने मना कर दिया। बावजूद इसके रतन टाटा ने कंपनी में अघोषित निवेश किया और इसका फायदा इस युवक की कंपनी को मिला। इसके बाद शांतनु की लगातार मुलाकात रतन टाटा से होती है। शांतनु अपने परिवार की पांचवीं पीढ़ी है, जो टाटा ग्रुप में काम रही है।

रतन व शांतनु दोनों को है कुत्तों से लगाव

टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा व शांतनु नायडु दोनों को कुत्तों से लगाव है। शांतनु बताते हैं एक दिन उसने तेज रफ्तार ट्रक की ठोकर से एक कुत्ते को मरते देखा। उसके बाद उनके लिए कुछ करने की सोची। सोचते-सोचते कॉलर रिफ्लेक्टर बनाने का आइडिया आया। कुछ प्रयोग के बाद मेटापॉज नाम से कॉलर बना दी। यह कॉलर कुत्तों के गले में रहने पर वाहन चालक को दूर से ही दिखाई पड़ता है। इससे स्ट्रीट डॉग्स की जान बचने लगी। इस छोटे से कदम के बारे में टाटा कंपनियों को पत्र लिखा और इस पर नजर रतन टाटा की पड़ी। वे खुद भी कुत्तों से काफी लगाव रखते हैं। इस कारण शांतनु की कंपनी को काफी सपोर्ट मिला।

 

कुछ न कुछ नया सीखने को मिल रहा

शांतनु बताते हैं उन्हें टाटा की ओर से वर्ष 2018 में ऑफर मिला था। उनके साथ काम करना सम्मान की बात है। हमेशा उनसे कुछ नया सीखने को मिलता है। कभी जेनरेशन गैप जैसी बात महसूस नहीं होती। लगता ही नहीं कि आप रतन टाटा के साथ काम कर रहे हैं।

जमशेदपुर में कोरोना वायरस से जुडी सभी खबरे

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!