Tata Sky : 18 साल बाद टाटा का 'स्काई' गायब, अब मचाने आ रहा है ओटीटी पर धमाल

Tata Sky जल्द ही टाटा का आसमान से स्काई गायब होने वाला है। अब झींगा ला ला ना तो सुनाई देगा और ना ही दिखाई देगा। अब टाटा स्काई इस नए नाम के साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर धमाल मचाएगा...

Jitendra SinghPublish: Thu, 27 Jan 2022 10:05 AM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 10:05 AM (IST)
Tata Sky : 18 साल बाद टाटा का 'स्काई' गायब, अब मचाने आ रहा है ओटीटी पर धमाल

जमशेदपुर, जासं। डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) कंपनी और टाटा समूह और वॉल्ट डिज़नी कंपनी के बीच एक संयुक्त उद्यम टाटा स्काई का नाम अब टाटा प्ले हो गया है। रीब्रांडिंग पहल में 18 साल तक चलने के बाद अपने ब्रांड नाम से 'स्काई' को हटाने का फैसला किया है। अब यह टाटा प्ले के नाम से जाना जाएगा।

19 मिलियन से अधिक सक्रिय ग्राहकों का दावा करने वाली टाटा स्काई को लगता है कि उसके व्यावसायिक हित डीटीएच सेवा से आगे बढ़ गए हैं और अब इसमें फाइबर-टू-होम ब्रॉडबैंड और बिंज शामिल हैं, जो 14 ओटीटी सेवाएं प्रदान करता है।

सीईओ हरित नागपाल ने कहा, अब हम कंटेंट कंपनी बन गए

टाटा प्ले के एमडी और सीईओ हरित नागपाल ने बताया कि हमने शुरुआत में डीटीएच कंपनी के तौर पर शुरुआत की थी, लेकिन अब हम कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बन गए हैं। चूंकि ग्राहकों के एक छोटे से आधार की जरूरतें बदल रही थीं। वे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सामग्री का उपभोग कर रहे थे, हम एक मंच बनाना चाहते थे और उन्हें एक एकीकृत अनुभव प्रदान करना चाहते थे।

इसलिए, हमने बिंज लांच किया। हम एक विशिष्ट ब्रॉडबैंड व्यवसाय भी पेश करते हैं। सीईओ ने कहा कि जहां डीटीएच उनका सबसे तेजी से बढ़ने वाला और सबसे बड़ा व्यवसाय बना रहेगा, वहीं ओटीटी भी बड़ा होने वाला है। इस प्रकार यह एक ब्रांड पहचान का समय है, जो डीटीएच व्यवसाय से परे है।

2004 में शुरू हुई थी टाटा स्काई

टाटा संस और रूपर्ट मर्डोक के स्वामित्व वाली 21 सेंचुरी फॉक्स के बीच 80 : 20 संयुक्त उद्यम के रूप में लांच होने के बाद, टाटा स्काई ने 2004 में परिचालन शुरू किया। इसके बाद फॉक्स और टाटा समूह ने टीएस इन्वेस्टमेंट्स का गठन किया, जिसने टाटा स्काई में 20% हिस्सेदारी हासिल कर ली। इसने फॉक्स को 9.8% की अतिरिक्त अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी दी।

बाद में, जब मर्डोक ने फॉक्स के मनोरंजन व्यवसाय को वॉल्ट डिज़नी कंपनी को बेच दिया, तो टाटा स्काई में हिस्सेदारी भी मिकी माउस कंपनी को हस्तांतरित कर दी गई।

Edited By Jitendra Singh

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept