कोरोना काल में आभूषण बाजार भी चरमराया

कोरोना की तीसरी लहर पहले जैसी घातक नहीं है लेकिन इसमें लगी पाबंदी कहें या कोरोना से बचाव के प्रति लोगों की जागरूकता अर्थव्यवस्था पर फर्क पड़ रहा है।

JagranPublish: Wed, 19 Jan 2022 05:00 AM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 05:00 AM (IST)
कोरोना काल में आभूषण बाजार भी चरमराया

वीरेंद्र ओझा, जमशेदपुर : कोरोना की तीसरी लहर पहले जैसी घातक नहीं है, लेकिन इसमें लगी पाबंदी कहें या कोरोना से बचाव के प्रति लोगों की जागरूकता, अर्थव्यवस्था पर फर्क पड़ रहा है। कनफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोंथालिया ने बताया कि कोरोना की वजह से जनवरी के 15 दिन में करीब 50 प्रतिशत कारोबार घटा है, जिसमें आभूषण बाजार को 35 प्रतिशत नुकसान हुआ है।

इस बात का समर्थन करते हुए जमशेदपुर ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन आडेसरा ने कहा कि फिलहाल झारखंड सरकार ने रात आठ बजे तक ही दुकान खोलने की अनुमति दी है। इसके लिए हमें सात बजे से ही प्रक्रिया शुरू करनी पड़ती है। स्टॉक मिलाना पड़ता है। कर्मचारियों को समय से छोड़ना भी पड़ता है। इसके अलावा कोरोना के डर से ग्राहक भी कम निकल रहे हैं। जनवरी की कई शादियां कैंसल हो गई हैं। जब इतनी सारी बातें एक साथ आ जाएंगी तो फर्क पड़ना स्वाभाविक है। तनिष्क के स्टोर संचालक सुधांशु सक्सेना बताते हैं कि जनवरी-2021 की तुलना में इस बार हमारा कारोबार 25 प्रतिशत कम है। इससे पहले दिसंबर तक हमारा कारोबार 25 प्रतिशत ग्रोथ पर था। इस हिसाब से हमें 50 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। शादी पर प्रतिबंध और कोरोना संक्रमण की डर से बड़े खरीदार नहीं आ रहे हैं। साकची बाजार के कारोबारी धर्मवीर प्रसाद गुप्ता ने कहा कि उनके पांच-छह ग्राहकों ने शादी स्थगित कर दी है। अभी उन्होंने आगे की तारीख भी नहीं रखी है। ऐसे में अभी तो उनका नुकसान हो ही गया।

दूसरी ओर छगनलाल दयालजी ज्वेलर्स (सीएचडी-1918) के मालिक पीयूष आडेसरा ने कहा कि उन्हें कोरोना से कोई फर्क नहीं पड़ा है। बिक्री संतोषजनक है। यही बात साकची के आभूषण कारोबारी कमल सिघानिया ने कही। उनका कहना है कि बाजार में भीड़ तो हो ही रही है। कारोबार ठीक-ठाक चल रहा है।

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फरवरी से कारोबार बढ़ने की उम्मीद

आभूषण कारोबारियों ने कहा कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण की दर घट रही है, उससे फरवरी में कारोबार बढ़ने या सामान्य होने की उम्मीद है। तनिष्क के सुधांशु सक्सेना ने कहा कि इस बार का संक्रमण उतना घातक नहीं है। मृत्यु दर नगण्य है, तो निगेटिव से पाजिटिव होने की संख्या और अवधि दोनों ठीक है। इससे अनुमान है कि कोरोना का पीक पार हो चुका है। हम उम्मीद कर सकते हैं कि फरवरी के मध्य या अंत तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।

Edited By Jagran

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